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हमारा जैन आगम चार अनुयोगों में बंटा हुआ : ये अनुयोग मोक्ष मार्ग के साधक हैं और इनमें जैन धर्म की संपूर्ण शिक्षा समाहित है-मुनि श्री विमलसागर जी 


उदय नगर जैन मंदिर के प्रांगण में मुनि श्री विमल सागर जी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमारा जैनागम (शास्त्र) चार अनुयोगों में बटा हुआ है। हम किसी भी एक योग को गौण नहीं कर सकते। ये है प्रथमानुयोग, इसमें कथा व चरित्र के बारे में बताया है। इंदौर से पढ़िए, सतीश जैन की यह खबर…


इंदौर। उदय नगर जैन मंदिर के प्रांगण में मुनि श्री विमल सागर जी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमारा जैनागम (शास्त्र) चार अनुयोगों में बटा हुआ है। हम किसी भी एक योग को गौण नहीं कर सकते। ये है प्रथमानुयोग, इसमें कथा व चरित्र के बारे में बताया है। करुणानुयोग, इसमें कर्म व लोक सिद्धांत का वर्णन है। चरणानुयोग, इसमें श्रावकों और मुनियों के आचार-विचार, दैनिक दिनचर्या व्रतों और नियमों का वर्णन है। द्रव्यानुयोग, इसमें आत्मा, 6 द्रव्यों और सात तत्वों का वर्णन है। जैन दर्शन के अनुसार इन चारों अनुयोगों के माध्यम से ही जीव अपना जीवन सुधार कर आत्म कल्याण और मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि लवकुश विद्या विहार स्कूल में सर्वांगीण विकास के लिए चल रहे शिविर में 600 बच्चों ने भाग लिया। सभी को पुरस्कार दिए गए। प्रथम आई बच्ची वान्या जैन को कंप्यूटर , 11 अन्य बच्चों को कुलर गिफ्ट किए गए। शुक्रवार की धर्मसभा में दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के पदाधिकारी पहुंचे।

संतों के आहार-निहार-विहार की पूर्ण सुरक्षा की मांग 

समाज के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने कहा कि संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज से दीक्षित आर्यिका श्री उपशम मति माताजी एवं आर्यिका श्री श्रुत मति माताजी का दुर्घटना में असामायिक समाधि मरण होने से भारतवर्ष का संपूर्ण जैन समाज अत्यंत दुखी एवं आहत हैं। हम इस दुखद घटना पर विनयांजलि अर्पित करते हैं। भविष्य में ऐसी कोई दुर्घटना ना हो इसके लिए समाज का प्रतिनिधिमंडल भोपाल जाकर प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर संतों के आहार-निहार-विहार की पूर्ण सुरक्षा की मांग करेगा और सही योजना बनवाएगा।

यह समाजजन मौजूद रहे

इस शिविर में सामाजिक संसद द्वारा सहयोग करने पर उनके पदाधिकारियों विनय बाकलीवाल, डीके जैन, जेनेश झांझरी, पिंकेश टोंग्या, सतीश जैन, सुदीप जैन, पवन पाटोदी का सम्मान ट्रस्ट के अध्यक्ष पीसी जैन, सचिन जैन (उद्योगपति), संतोष जैन, राकेश जैन पम्पु, मनीष नायक, अशोक जैन, जितेंद्र जैन सीए, अतुल जैन (थाला वाले), सचिन कोल आदि ने किया। धर्मसभा का संचालन भरत जैन ने किया एवं आभार संदीप जैन ने माना।

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