Tag - स्वाध्याय

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पर्युषण पर्व में आचार्य श्री बोले – इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी तपस्या : तपश्चरण से जीवन में निखार और परिणामों में निर्मलता – आचार्य निर्भय सागर

ललितपुर में पर्युषण पर्व के दौरान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि तप आत्मा को निर्मल बनाता है और इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी साधना है।...

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अंबाह में पर्यूषण पर्व की शुरुआत, जैन मंदिरों में हुआ कलशाभिषेक : दस दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों से गुंजायमान होगा अंबाह का वातावरण

दिगंबर जैन समाज का प्रमुख पर्व पर्यूषण अंबाह में पंचमी से शुरू हो गया है। जैन मंदिरों में कलशाभिषेक, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। यह...

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आचार्य विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में भव्यता से मनाया जाएगा दसलक्षण पर्व: रामगंजमंडी में जिनालयों की विशेष सजावट, समाजबंधुओं में उत्साह का वातावरण

रामगंजमंडी में आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ससंघ सानिध्य में दसलक्षण पर्व का भव्य आयोजन 28 अगस्त से शुरू होगा। जिनालयों में विशेष सजावट, प्रभु अभिषेक...

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संत समागम से जीवन निर्मल और धर्म का मार्ग प्राप्त होता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म और स्वाध्याय का महत्व समझाया

धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संत समागम, स्वाध्याय, अभिषेक पूजन और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन निर्मल होने, सम्यक दर्शन प्राप्त...

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प्रथमाचार्य शांतिसागर जी की परंपरा पर आधारित संगोष्ठी में आचार्य श्री ने दिया समाज एकता का संदेश : आगम साधु के नेत्र, समाज को धर्म के लिए संगठित होना अनिवार्य – आचार्य वर्धमान सागर जी

आचार्य वर्धमान सागर जी ने टोंक चातुर्मास प्रवचन में कहा कि साधु का जीवन आगम अनुसार होना चाहिए। समाज को संगठित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रथमाचार्य...

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मूर्छा भाव व्यक्ति को नियम संयम से दूर करता है : मनुष्य जन्म को साधना और धर्म से सार्थक करें – आचार्य श्री

आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...

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शिक्षक सम्मेलन में आचार्य श्री ने दिया स्वाध्याय और संस्कारों पर विशेष संदेश : चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही होता है जीवन का निर्माण : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

टोक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का निर्माण चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही संभव है। माता...

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आचार्य वर्धमान सागर बोले-वैराग्य, व्रत संयम और रत्नत्रय से संवेग भावना जाग्रत होती है: 15 अगस्त का संदेश — जैसे देश आज़ाद हुआ, वैसे ही आत्मा को भी कर्म बंधन से मुक्त कराना है

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 16 कारण भावना अंतर्गत संवेग भावना की विस्तृत विवेचना करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में वैराग्य, व्रत संयम और रत्नत्रय से ही सच्चा...

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स्वतंत्रता से सम्पूर्णता तक: अवधपुरी में भव्य प्रवचन श्रृंखला : मुनि प्रमाणसागर महाराज के प्रवचनों से मिलेगा युवाओं को मार्गदर्शन

भोपाल के अवधपुरी में 15 से 24 अगस्त तक मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज के सान्निध्य में “स्वतंत्रता से सम्पूर्णता तक: एक राष्ट्र की यात्रा” विषय पर विशेष प्रवचन...

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भक्ति-उत्साह संग पंचामृत अभिषेक: आचार्य श्री विशदसागर जी ने दिया आगम पंथी अनुशासन का संदेश

आचार्य श्री विशदसागर जी महाराज के संघ सानिध्य में इंदौर के आदिनाथ चेत्यालय स्कीम नंबर 71 में नर-नारियों द्वारा पंचामृत अभिषेक उत्साह और भक्ति के साथ संपन्न...

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