Tag - धर्मसभा

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प्रधानमंत्री मोदी ने आचार्य विद्यानंद जी महाराज की शताब्दी समारोह का किया शुभारंभ : जारी किए डाक टिकट और स्मृति सिक्का

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जैन मुनि आचार्य श्री विद्यानंद जी महाराज की 100वीं जयंती के अवसर पर उनके...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -145 आत्मज्ञान के बिना सच्ची सामाजिक और मानसिक स्वतंत्रता असंभव है : धर्म तभी जीवित होता है, जब ‘ज्ञान की आंख’ खुलती है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

आपका चौका,आपका आहार समाचार

आपका चौका, आपका आहार इस फल की चटनी खाई है आपने : परांठों और स्नैक्स के साथ खाएं यह मजेदार चटनी

सारांशखट्टी-मीठी आलूबुखारा चटनी एक पारंपरिक स्वाद से भरपूर व्यंजन है, जो पराठों और स्नैक्स के साथ लाजवाब लगती है। सूखे आलूबुखारे, गुड़ और मसालों से बनी यह चटनी...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -144 काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार हमारे आंतरिक शत्रु हैं : जो मन को वश में कर, परमात्मा से जुड़ता है, वही असली शूरवीर है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -143 ईश्वर का न कोई रूप है, न आकार, न रंग, फिर भी वह सर्वत्र व्याप्त है : रूप नहीं, तत्व को पहचानो, यही जीवन की असली दृष्टि है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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जैन पदयात्रा को लेकर राष्ट्रपति को पत्र : गिरनार की पांचवीं टोंक पर सुरक्षा की मांग

गुजरात के गिरनार पर्वत स्थित जैन तीर्थ स्थल पर होने वाली धार्मिक पदयात्रा को लेकर विश्व जैन संगठन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भेजा है। पत्र में 2...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -142 यदि मनुष्य में प्रेम नहीं, तो उसमें मनुष्यता नहीं : प्रेम करना ही सच्चे अर्थों में जीवन जीना है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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रिश्तों को तोला घर का रहस्य खोला नहीं जाता : आचार्य श्री निर्भयसागर ने धर्मसभा में बताई रिश्तों की अहमियत

आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज महरौली में विराजित हैं। यहां उन्होंने धर्मसभा को संबोधित कर रिश्तों की अहमियत से परिचित करवाया। उनके प्रवचन सुनने के लिए बड़ी...

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प्राणी के कल्याण की भावना रखने वाला ही कहलाता है संत: मुनिश्री विलोक सागरजी ने धर्मसभा में बताए आत्म कल्याण के रहस्य

साधु, संत, महात्मा किसी धर्म विशेष के नहीं होते। सच्चे अर्थों में साधु संत वही है जो जन कल्याण की भावना रखते हैं। साधु कोई भी हो वह स्वयं कल्याण की भावना रखता...

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जैन मिलन विहार में आर्यिका उपसंघ का चातुर्मास: आचार्यश्री विमर्शसागर जी ने श्रावकों की भक्ति भावना सराही 

आचार्य श्री विमर्शसागर जी (ससंघ 33 पिच्छी) के प्रथम बार मुजफ्फर नगर आगमन हुआ। 19 जून को आचार्य संघ ने मुजफ्फर नगर में मंगल पदार्पण किया। प्रेमपुरी, अबु पुरा...

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