टोंक में सोलहकारण भावना पर्व के अंतर्गत आज दूसरी विनयसंपन्नता भावना का दिवस मनाया गया। आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में विनय को मोक्ष का द्वार बताते हुए...
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नगर में विराजित जैन संत मुनिराजों की धर्म सभा में दी जा रही मंगल देशना का पुण्यार्जन करने के लिए बड़ी संख्या में धर्मानुरागी समाजजन जुट रहे हैं। यहां मुनि श्री...
आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में जारी है। यहां पर विराजित मुनिराजों की नित धर्मसभा में जीवन को सार्थक बनाने वाली सीखों से दिगंबर जैन...
सहारनपुर में भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज के सानिध्य में रक्षा बंधन महापर्व एवं भगवान श्रेयांसनाथ के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण...
जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...
पंचम पट्टाचार्य, वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित टोंक में विराजमान हैं। उनके सानिध्य में अकंपनाचार्य एवं विष्णु मुनिराज सहित 700 मुनिराजों...
पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां पर प्रतिदिन मुनिराजों के प्रवचन से माहौल धर्ममय हो रहा है। समाज के धर्मानुरागी...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...








