दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
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सहारनपुर में आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य यदि अपने छोटे-से गुणों पर अभिमान करता है तो वह वास्तविक गुणवान...
रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...
आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...
सहारनपुर में भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज ने प्रातः बेला में दिगंबर मुनियों की कठोर चर्या केशलौंच सम्पन्न किया। उनके साथ आर्यिका विमर्शिता...
आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज ने धर्मसभा में करते हुए कहा कि मधुर वाणी हर प्राणी से मधुर संबंध बनाती है इसलिए हमेशा मधुर वाणी बोलना चाहिए। आदर सत्कार क्षमा और...
टोक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का निर्माण चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही संभव है। माता...
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुनि श्री विश्वसुर्य सागर जी महाराज ने उपस्थित समाजजनों को संबोधित करते हुए बताया कि केवल भौतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि आत्मिक...
पथरिया के जैन मंदिर में नित्य धर्मसभा से माहौल धर्ममय तो हो ही रहा है। श्रावक-श्राविकाएं जीवन की कई गहरी रहस्यों से पूर्ण बातों से भी अवगत हो रहे हैं। पथरिया...
लोभ ही पाप का बाप है-मुनि श्री गुरुदत्त सागर : मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को लोभ का त्याग करने का उपदेश
श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री गुरुदत्तसागरजी महाराज ने बुधवार को धर्मसभा में कहा कि लोभ ही पाप...








