Tag - धर्मसभा

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -163 सच बोलो चाहे वो कड़वा ही क्यों न हो : धर्म का मूल आधार प्रेम और सत्य है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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सहारनपुर में 30 पीछीधारी संतों का दुर्लभ सानिध्य : आपका अभिमान बताता है, आप गुणवान नहीं हैं – आचार्य विमर्शसागर जी

सहारनपुर में आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य यदि अपने छोटे-से गुणों पर अभिमान करता है तो वह वास्तविक गुणवान...

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मन और वचन में अंतर तिर्यंच गति का कारण है : मायाचारी से बचना जरूरी है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...

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मूर्छा भाव व्यक्ति को नियम संयम से दूर करता है : मनुष्य जन्म को साधना और धर्म से सार्थक करें – आचार्य श्री

आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज ने रामगंजमंडी में प्रवचन देते हुए कहा कि मोह और मूर्छा भाव के कारण मनुष्य धर्म और संयम से भटक जाता है। मनुष्य जन्म को धर्म...

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भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने किया केशलौंच : सहारनपुर में आर्यिका माताजी ने भी दीक्षा उपरांत प्रथम केशलौंच किया

सहारनपुर में भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज ने प्रातः बेला में दिगंबर मुनियों की कठोर चर्या केशलौंच सम्पन्न किया। उनके साथ आर्यिका विमर्शिता...

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झूठे लोगों के रिश्ते रूठे और टूटे बिना नहीं रहते: आचार्य निर्भय सागर जी ने रयणसार ग्रंथ पर प्रवचन में वाणी संयम पर दिया जोर

आचार्यश्री निर्भयसागर महाराज ने धर्मसभा में करते हुए कहा कि मधुर वाणी हर प्राणी से मधुर संबंध बनाती है इसलिए हमेशा मधुर वाणी बोलना चाहिए। आदर सत्कार क्षमा और...

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शिक्षक सम्मेलन में आचार्य श्री ने दिया स्वाध्याय और संस्कारों पर विशेष संदेश : चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही होता है जीवन का निर्माण : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

टोक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का निर्माण चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही संभव है। माता...

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सनावद में मुनि श्री विश्वसुर्य सागर जी ने स्वतंत्रता दिवस पर समाजजनों को पराधीनता से स्वाधीनता का मार्ग बताया : आत्मा को कर्मों से मुक्त कर वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त करने का संदेश दिया

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुनि श्री विश्वसुर्य सागर जी महाराज ने उपस्थित समाजजनों को संबोधित करते हुए बताया कि केवल भौतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि आत्मिक...

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मुनि श्री सर्वार्थ सागर जी ने कहा धर्म ही नहीं देश भक्ति में भी रहें अग्रणी : पथरिया में धर्मसभा में मुनि श्री ने समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए किया प्रेरित

पथरिया के जैन मंदिर में नित्य धर्मसभा से माहौल धर्ममय तो हो ही रहा है। श्रावक-श्राविकाएं जीवन की कई गहरी रहस्यों से पूर्ण बातों से भी अवगत हो रहे हैं। पथरिया...

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लोभ ही पाप का बाप है-मुनि श्री गुरुदत्त सागर : मुनिश्री ने श्रद्धालुओं को लोभ का त्याग करने का उपदेश 

श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के शिष्य मुनि श्री गुरुदत्तसागरजी महाराज ने बुधवार को धर्मसभा में कहा कि लोभ ही पाप...

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