पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में गुरुवार को आर्यिका ज्ञानमति माता जी द्वारा रचित श्रुत स्कंध मंडल विधान बड़े ही भक्तिभाव एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रातः श्री जी के अभिषेक के साथ विधान का मंगल शुभारंभ हुआ। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…
सनावद। श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में गुरुवार को आर्यिका ज्ञानमति माता जी द्वारा रचित श्रुत स्कंध मंडल विधान बड़े ही भक्तिभाव एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। प्रातः श्री जी के अभिषेक के साथ विधान का मंगल शुभारंभ हुआ। मंत्रोच्चार के साथ विधान पर 65 अर्घ्य समर्पित कर अष्ट द्रव्यों से 24 तीर्थंकर भगवान एवं श्रुत देवी मां जिनवाणी का पूजन-अर्चन किया गया।
मीडिया प्रभारी सन्मति जैन ‘काका’ ने बताया कि श्रुत ही ज्ञान का मूल स्रोत है। श्रुत स्कंध मंडल विधान के पुण्य से अज्ञान का नाश होता है और सम्यग्ज्ञान की प्राप्ति होती है। सभी श्रावकों ने जिनवाणी के प्रचार-प्रसार एवं स्वाध्याय का संकल्प लिया।
यह समाजजन रहे उपस्थित
इस अवसर पर सुनील मास्टर साब, हेमू जैन, सुरेश मुंशी, सुनील पावणा, अक्षय सराफ, गौतम जैन, संध्या जैन, राजकुमारी जैन, अंजू पाटनी, सरोज बाई जैन, सुबोध जैन, गरिमा जैन, मोहिनी जैन, मीना जटाले, साधना जैन, सरला जैन, सुनीता जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
19जून को निकलेगी पालकी यात्रा
श्रुत पंचमी पर्व के अवसर पर शुक्रवार को प्रातः काल श्री पार्श्व नाथ दिगम्बर जाएं बड़ा मंदिर से मां जिनवाणी की पालकी यात्रा नगर के मुख्य मार्गो से निकाली जाएगी।













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