आचार्य श्री शांति सागर जी की मुनि दीक्षा फाल्गुन शुक्ल 14 को हुई थी। इस बार तिथि के अनुसार यह 14 मार्च को आ रही है। आचार्यश्री की मुनि दीक्षा महोत्सव को देशभर...
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बावनगजाजी पर आज प्रातः मुनिश्री प्रशम सागरजी, मुनिश्री प्रणुत सागरजी, मुनिश्री साध्य सागरजी, मुनिश्री जयेंद्र सागरजी का बड़वानी के निकट पार्श्वगिरी पर रात्रि...
न जाने कितने लोगों के पास ज्ञान होता है लेकिन अनुभव नहीं होने से वह कोई कार्यकारी नहीं और अनुभव आता है क्रिया में। रावण के पास ज्ञान था लेकिन अनुभव, चारित्र...
सिद्धचक्र मंडल विधान के पूजन अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने मंगल देशना प्रकट की। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान क्रियाएं हो रही हैं। जैनत्व के संस्कार...
श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि में शुक्रवार को अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर आठ दिनों से निरन्तर चल रहे श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान महोत्सव का समापन तथा...
पूज्यता ऐसे ही नहीं आती है। यह गुणों से प्राप्त होती है। पूजा में प्रमाद का कोई स्थान नहीं है। प्रमाद से पूजा के फल की प्राप्ति भी नहीं होती है। उक्त विचार...
जेसीआई एलुमिनी जागृति ने उमंग के साथ होली मिलन समारोह मनाया। संगठन की सदस्यों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया। फनी टाइटल दिए और होली गीत गाकर आनंद लिया। सभी सदस्यों...
गणाचार्य श्री विराग सागरजी की समाधि स्थली श्री विराग अक्षय तीर्थ, जालना में श्री विशुद्ध सागरजी के मंगल आशीर्वाद से त्रिमूर्ति भगवान विमलनाथ, भगवान अनंतनाथ...
सोने और जागने का सभी का समय अलग-अलग हो सकता है। परंतु एक निश्चित समय पर सोना और जागने के नियम का हम पालन करें तो इसके परिणाम सकारात्मक रुप में हमारे सामने आ...
विराग सागरजी द्वारा समाधि पूर्व दी गई अंतिम देशना अनुसार अपने शिष्य आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज को अपना उत्तराधिकारी घोषित करते हुए उन्हें पट्टाचार्य पद...








