आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज की शिष्या विजिज्ञासा श्री माता जी के चातुर्मास कलश स्थापना श्री दिगंबर जैन मंदिर तिलकगंज में पं. उदय चंद शास्त्री कोटा, पं...
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दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश एक सादगीपूर्ण, भव्य, गरिमामय और अत्यंत प्रेरणादायक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज के लिए...
भक्तामर महामंडल विधान अर्चना के चौथे दिन आर्यिका संघ के चातुर्मास निमित्त 36 मूल गुण के 36 कलशों की रविवार को नेमीनाथ जिनालय में मंत्रोच्चार के साथ विधिवत...
जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...
आचार्य श्री विशुद्धसागरजी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी नगर के भगवान महावीर...
पट्टाचार्य विशुद्धसागरजी महाराज के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनि श्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्रुतसागरजी का चातुर्मास इन...
दिगंबर जैन नवग्रह जिनालय अतिशय क्षेत्र, इंदौर में गुरुपूर्णिमा के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी...
भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। संगीतमय गुरु पूजन, गुरु भक्ति, आरती और मुनिराजों के प्रवचन होंगे। मुनि श्री...
श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के छठे दिन कर्म दहन विधान का पूजन करते हुए 256 अर्घ्य समर्पित किए गए। जो कर्म हमारी आत्मा पर आवरण डाले हुए अनंत चतुष्टय को प्रगट...








