आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में जारी हैै। आचार्यश्री के शिष्य विचित्र बाते प्रणेता मुनिश्री सर्वार्थ सागर महाराज जी ने बुधवार को...
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जयपुर बसने के पहले पुरानी राजधानी आमेर को जैन नगरी भी था। यहां पर बने अति प्राचीन जैन मंदिर इस बात के गवाह रहे है कि इनमें कठोर साधना और तपस्या करने वाले जैन...
श्रीक्षेत्र अरिहंतगिरी के भट्टारक धवलकीर्ति जी स्वामी ने कहा कि कि धर्मस्थल का प्रमुख मंदिर शिव मंदिर (मंजुनाथ स्वामी) है, जिसका संचालन और संरक्षण हेगड़े...
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ने कहा कि पर्युषण पर्व में एक बार संत का जीवन जीकर देखो, तब समझ आएगा कि वास्तव में संतजीवन क्या होता है और चर्या...
हमारे वीतरागी संत केवल अपना ही नहीं, बल्कि समस्त जीव जगत का कल्याण करते हैं। समाज और राष्ट्र को उनका योगदान अतुलनीय है। बीसवीं शताब्दी में इस परंपरा के...
अंतरराष्ट्रीय दिगंबर जैन पोरवाड़ सामाजिक मंच का वार्षिक अधिवेशन एवं साधारण सभा रविवार, 24 अगस्त को मोदीजी की नसिया, बड़े गणपति, इंदौर में आयोजित हुई। यह आयोजन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
मुरैना में रविवार 24 अगस्त को बड़े जैन मंदिरजी में शाम 6 से 7 बजे तक तीर्थंकर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित होगी। युगल मुनिराज मुनिश्री विलोकसागर जी व...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
धर्मनगरी सहारनपुर के बीर नगर जैन मंदिर में चातुर्मास कर रहे आचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महाराज ने अपने उपदेशों में कहा कि आदर्श भगवान वही हैं जो प्रशंसा से...








