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घटयात्रा एवं ध्वजारोहण से विधान का शुभारम्भ : आठ दिन होगी सिद्धों की आराधना


घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर में शुभारम्भ हुआ। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…


मुरैना। घटयात्रा एवं ध्वजारोहण के साथ आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान का श्री पार्श्वनाथ जैन मंदिर में शुभारम्भ हुआ। देवेंद्रनगर से आये प्रतिष्ठाचार्य संकेत जैन के आचार्यत्व में सर्वप्रथम मूलनायक श्री पार्श्वनाथ भगवान को श्रीफल अर्पित कर विधान की आज्ञा लेकर गुरुमां गणिनी आर्यिका श्री लक्ष्मीभूषण, श्री स्वस्तिभूषण, श्री अंतसमती माताजी को श्रीफल अर्पित कर आमंत्रित किया गया। समस्त आर्यिका संघ को बैंड-बाजे के साथ बड़े जैन मंदिर से आयोजन स्थल तक ले जाया गया।

घटयात्रा निकाली

सर्वप्रथम श्री नसियां जी जैन मंदिर से विशाल एवं भव्य घटयात्रा प्रारम्भ हुई। घटयात्रा में सौभाग्यवती महिलाएं सिर पर मंगल कलश लेकर चल रही थीं। नसियां ज्जि बालिका मंडल की बालिकाएं अपनी पारम्परिक परिधान में हाथों में ध्वज लेकर चल रहीं थी। युवा साथी जुलूस में भक्ति नृत्य कर रहे थे। घटयात्रा जुलूस में सौधर्म इंद्राणी सुलोचना जैन, कुबेर इंद्राणी ऊषा किरण जैन, यज्ञनायिका शीलादेवी जैन एवं मैनासुंदरी जूली जैन मंगल कलश लेकर आगे आगे चल रहीं थी।

हुए कई कार्यक्रम
घटयात्रा के आयोजन स्थल पर पहुंचने पर मुरैना के उद्योग पति, श्रावक श्रेष्ठि महेशचंद बंगाली, विजय जैन, राकेश जैन, राहुल जैन शैंकी अझेड़ा परिवार एवं पवन जैन ऋषभ, शुभम जैन, ऋषभ इंटर प्राइजेज परिवार द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ततपश्चात महिलाओं द्वारा मंगल कलश में लाये हुये शुद्ध जल से मंडप, पांडाल, भूमि एवं पात्रों की शुद्धि की गई। पांडुक शिला पर श्री जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा को विराजमान कर अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन किया गया। शांतिधारा करने का सौभाग्य धर्मेंद्र जैन एडवोकेट को प्राप्त हुआ। 125 मंडलीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामण्डल विधान के आरंभ में प्रथम दिन सिद्धों की आराधना करते हुए आठ अर्घ्य समर्पित किये गए। भोजन पुण्यार्जक विपिनकुमार अक्षत जैन एवं दीप प्रज्वलनकर्ता कपिल जैन थे। गुरुमां के भक्तों ने गणिनी आर्यिका लक्ष्मीभूषण एवं श्री स्वस्तिभूषण माताजी को शास्त्र भेंट किए। महाआरती के पुण्यार्जक महावीर प्रसाद विमल जैन बघपुरा परिवार थे। रात्रि को जैन बगीची की बालिकाओं द्वारा नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई।

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