कुचामन सिटी के महावीर मंदिर में श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। जिनवाणी माता की भव्य शोभायात्रा, विशेष पूजा-अर्चना और स्वाध्याय संकल्प के साथ श्रद्धालुओं ने ज्ञान आराधना का संदेश दिया। पढ़िए सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट
कुचामन सिटी। श्रुत पंचमी जैन धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो जैन आगमों एवं पवित्र शास्त्रों के प्रति श्रद्धा, सम्मान, संरक्षण तथा कृतज्ञता का संदेश देता है। ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी के अवसर पर कुचामन सिटी स्थित महावीर मंदिर, डीडवाना रोड में यह महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया।
श्रुत ज्ञान है मोक्ष मार्ग का प्रकाश
श्रुत ज्ञान को अज्ञान के अंधकार को दूर करने वाला दिव्य दीपक माना गया है। यह ज्ञान ही मोक्ष मार्ग को प्रकाशित करता है। श्रुत पंचमी का पर्व समाज को ज्ञान, श्रद्धा और संयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है तथा धार्मिक जागरूकता, प्रेम और एकता का संदेश प्रदान करता है।
कलशाभिषेक एवं शांतिधारा से हुआ शुभारंभ
लालचंद पहाड़िया ने बताया कि महापर्व के अवसर पर प्रातःकाल भगवान का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता निभाई।
जिनवाणी माता की निकली भव्य शोभायात्रा
कलशाभिषेक के बाद जिनवाणी माता को श्रद्धापूर्वक सिर पर धारण कर जैन पंचरंगा ध्वज के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक जयघोषों और भक्तिमय वातावरण ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया।
विशेष पूजा-अर्चना एवं स्वाध्याय का संकल्प
शोभायात्रा के पश्चात जिनवाणी माता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने जिनवाणी के नियमित अध्ययन एवं स्वाध्याय का संकल्प लेते हुए अर्घ्य समर्पित किए। तत्पश्चात जिनवाणी माता को यथास्थान विराजमान किया गया।
अनेक श्रद्धालु रहे उपस्थित
अमित पाटोदी के अनुसार कार्यक्रम में चिरंजी लाल, अशोक, भव्य, विमलकुमार पाटोदी, कमलकुमार, महेंद्र, पंकज पहाड़िया, भंवरलाल झांझरी, भागचंद अजमेरा, मनीष गंगवाल, महावीर प्रसाद, माणकचंद काला, सुरेश कुमार, पवन, प्रतीक तथा ननू पांड्या सहित अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने भावभक्ति के साथ श्रुत पंचमी महापर्व में सहभागिता निभाई और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।













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