कोल्हापुर स्थित श्री लक्ष्मीसेनजी जैन मठ के मठाधीश एवं जैन दर्शन, साहित्य तथा श्रमण संस्कृति के महान संरक्षक परम पूज्य डॉ. लक्ष्मीसेनजी भट्टारक के 7वें समाधि...
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भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में जैन दर्शन, साहित्य और संस्कृति का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। प्राकृत भाषा, आगम साहित्य और जैनाचार्यों के वाङ्मय ने...
कुचामन सिटी के महावीर मंदिर में श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। जिनवाणी माता की भव्य शोभायात्रा, विशेष पूजा-अर्चना और स्वाध्याय संकल्प...
रामगंजमंडी स्थित सिद्ध क्षेत्र में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। देशभर से आए...
टोंक में आयोजित धर्मसभा में आचार्य वर्धमान सागर जी महाराज ने उपदेश दिया कि देव, शास्त्र और गुरु की आराधना से पुण्य अर्जित होता है और पाप कर्मों का क्षय होता...
टोक नगर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन का निर्माण चारित्र, संस्कार, संयम और आगम ज्ञान से ही संभव है। माता...








