ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी पर इंदौर के लगभग 136 जैन मंदिरों में श्रुत पंचमी महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। शहरभर में शोभायात्राएं निकाली गईं, जिनवाणी पूजन, श्रुत स्कंध विधान एवं धार्मिक सभाओं के माध्यम से ज्ञान आराधना का संदेश दिया गया। पढ़िए रेखा जैन की यह रिपोर्ट
इंदौर। लगभग दो हजार वर्ष पूर्व ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी के दिन दिगंबर जैन परंपरा का प्रथम ग्रंथ षट्खण्डागम लिपिबद्ध हुआ था। इसी ऐतिहासिक दिवस की स्मृति में मनाए जाने वाले श्रुत पंचमी महापर्व पर इंदौर शहर के लगभग 136 जैन मंदिरों में विविध धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुए। श्रद्धालुओं ने जिनवाणी की आराधना कर ज्ञान, स्वाध्याय और संस्कारों के संरक्षण का संकल्प लिया।

समवसरण मंदिर में निकली षट्खण्डागम की शोभायात्रा
प्रवक्ता रेखा संजय जैन ने बताया कि कंचन बाग स्थित समवसरण मंदिर में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में हस्तलिखित षट्खण्डागम ग्रंथ के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसके पश्चात समवसरण मंदिर में ब्रह्मचारी विजया दीदी के निर्देशन में जिनवाणी पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही बच्चों में संस्कार और बड़ों में ज्ञानार्जन की भावना विकसित करने के उद्देश्य से श्रुत संस्कार पंडित रतनलाल शास्त्री पाठशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन ,कलश स्थापन के सनत बड़जात्या और पायल बड़जात्या ने किया । पाठशाला का संचालन कंचन बाग समाज द्वारा किया जाएगा । इस अवसर पर संपादक रेखा संजय जैन, आजाद जैन बीड़ी वाले, अशोक ममता खासगीवाला, अरुण सेठी, महेंद्र पहाड़िया, आशा खासगीवाला, जयश्री टोंग्या सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।

पाठशाला संस्कार और ज्ञान का माध्यम
धर्मसभा को संबोधित करते हुए अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने कहा कि पाठशाला संस्कार, श्रद्धा और ज्ञान अर्जन का सशक्त माध्यम है। श्रद्धा के साथ पढ़ा गया शास्त्र ही कर्म निर्जरा का कारण बनता है और आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।

40 मंदिरों की निकली सामूहिक शोभायात्रा
प्रवक्ता रेखा संजय जैन ने बताया कि विजय नगर पंचबलायती मंदिर सहित लगभग 40 मंदिरों की सामूहिक शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ 78 स्कीम क्षेत्र से हुआ और समापन पंचबलायती मंदिर में हुआ। यहां मुनि श्री विमल सागर महाराज के सानिध्य में धर्मसभा आयोजित की गई, जिसमें मां जिनवाणी की आराधना की गई तथा मुनि श्री ने जिनवाणी के महत्व पर प्रेरणादायी प्रवचन दिए।

शहरभर में हुए विविध धार्मिक आयोजन
वैभव नगर जैन मंदिर में 108 शास्त्रों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। समर्थ सिटी जैन मंदिर में षट्खण्डागम ग्रंथ की स्थापना की गई। इसके अलावा नवग्रह दिगंबर जैन मंदिर, ग्रेटर बाबा क्षेत्र, गुप्ति सदन, गोकुल नगर जैन मंदिर, उदासीन आश्रम मंदिर, कल्याण भवन, क्लर्क कॉलोनी जैन मंदिर, उदय नगर जैन मंदिर तथा छत्रपति नगर जैन मंदिर,परिवहनगर जैन मंदिर,गोयल नगर जैन मंदिर,संविद नगर जैन मंदिर सहित अनेक मंदिरों में जिनवाणी पूजन, श्रुत स्कंध विधान एवं ज्ञान आराधना के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जिनवाणी के प्रति दिखी विशेष आस्था
श्रुत पंचमी महोत्सव के अवसर पर शहरभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समाजजनों ने जिनवाणी के अध्ययन, संरक्षण और प्रचार-प्रसार का संकल्प लेते हुए ज्ञान को जीवन में उतारने का संदेश दिया। पूरे दिन मंदिरों में भक्ति, स्वाध्याय और धर्म आराधना का वातावरण बना रहा।













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