श्रुत पंचमी महोत्सव के अवसर पर समवसरण मंदिर कंचन बाग में अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में भव्य शोभायात्रा, श्रुत स्कन्ध विधान एवं श्रुत संस्कार पंडित रतनलाल शास्त्री पाठशाला का शुभारंभ हुआ। समाज एवं त्यागी वृत्तियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। पढ़िए संपादक रेखा जैन की यह रिपोर्ट
इंदौर। श्रुत पंचमी पर्व के अवसर पर समवसरण मंदिर, कंचन बाग में अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में विविध धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर भव्य शोभायात्रा, श्रुत स्कन्ध विधान तथा श्रुत संस्कार पंडित रतनलाल शास्त्री पाठशाला का शुभारंभ किया गया।
भव्य शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धा
प्रातःकाल जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक सम्पन्न हुआ। इसके पश्चात समवसरण मंदिर कंचन बाग से कल्याण भवन तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालु बड़े उत्साह के साथ शामिल हुए। कल्याण भवन से हस्तलिखित षट्खण्डागम ग्रंथ को विशेष सम्मान के साथ शोभायात्रा में लेकर पुनः समवसरण मंदिर लाया गया।

श्रुत स्कन्ध विधान का आयोजन
समवसरण मंदिर पहुंचने के बाद अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में और ब्रह्मचारी विजया दीदी के मार्गदर्शन में श्रुत स्कन्ध विधान सम्पन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने जिनवाणी की आराधना करते हुए ज्ञान और स्वाध्याय के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
श्रद्धा के साथ अर्जित ज्ञान ही सार्थक
धर्मसभा को संबोधित करते हुए अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर महाराज ने कहा कि श्रद्धा के साथ किया गया ज्ञान अर्जन ही निर्माण का कारण बन सकता है। आज ज्ञान तो दिखाई देता है, लेकिन श्रद्धा का अभाव होने के कारण धर्म में विवाद उत्पन्न होने लगे हैं।उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्त करने की रुचि सभी में हो सकती है, लेकिन जब वह रुचि श्रद्धा के साथ जुड़ जाती है, तभी वह पुण्य का कारण बनती है और जीवन को सही दिशा प्रदान करती है।
पाठशाला का हुआ शुभारंभ
श्रुत पंचमी के पावन अवसर पर श्रुत संस्कार पंडित रतनलाल शास्त्री पाठशाला का शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान कलश स्थापना एवं उद्घाटन और दीप प्रज्ज्वलन सनत बड़जात्या और पायल बड़जात्या द्वारा किया गया । आयोजन श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। पाठशाला में बच्चों एवं समाजजनों को धार्मिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा प्रदान की जाएगी। यह पाठशाला कंचन बाग समाज द्वारा संचालित की जाएगी ।
समाजजन रहे उपस्थित
इस अवसर पर संपादक रेखा संजय जैन, आजाद जैन बीड़ी वाले, अशोक ममता खासगीवाला, अरुण सेठी, महेंद्र पहाड़िया, आशा खासगीवाला, जयश्री टोंग्या सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने जिनवाणी के अध्ययन, संरक्षण एवं धर्म प्रभावना के संकल्प के साथ श्रुत पंचमी महोत्सव में सहभागिता निभाई।













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