श्रुत पंचमी के अवसर पर त्रि दिवसीय आनंद उत्सव के समापन पर गुजरात के दाहोद नगर में ससंघ विराजे आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज और अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के सानिध्य में साधना, भक्ति और दिव्यता का आलोक यहां नजर आया। इस अवसर पर इंदौर नेमिनगर जैन कालोनी समेत विभिन्न क्षेत्र से गुरुभक्त शुक्रवार को दाहोद पहुंचे और आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज के श्री चरणों में महा श्रीफल समेत समाज और विभिन्न मंदिरों के प्रतिनिधियों ने श्रीफल अर्पित किया। दाहोद/इंदौर से पढ़िए,प्रीतम लखवाल की यह विशेष रिपोर्ट…

दाहोद/इंदौर। श्रुत पंचमी के अवसर पर त्रि दिवसीय आनंद उत्सव के समापन पर गुजरात के दाहोद नगर में ससंघ विराजे आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज और अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज के सानिध्य में साधना, भक्ति और दिव्यता का आलोक यहां नजर आया। इस अवसर पर इंदौर नेमिनगर जैन कालोनी समेत विभिन्न क्षेत्र से गुरुभक्त शुक्रवार को दाहोद पहुंचे और आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज के श्री चरणों में महा श्रीफल समेत समाज और विभिन्न मंदिरों के प्रतिनिधियों ने श्रीफल अर्पित किया। दाहोद के श्री पद्म प्रभु जिनालय के परिसर में हुए विशेष धर्मसभा कार्यक्रम में सर्व प्रथम आचार्य आदिसागर जी अकलिंकर के 111वें पदारोहण दिवस पर आदिसागर विधान किया गया। गुरु वंदना करते हुए आचार्य श्री के चरणों में अर्घ्य समर्पित किए गए। इसके बाद इंदौर, मूंगाणा, बुंदेलखंड, शोलापुर सहित विभिन्न स्थानों से आए गुरु भक्तों ने श्रीफल अर्पित कर अपने-अपने यहां आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज का चातुर्मास करने का निवेदन किया।
इंदौर सकल जैन समाज की ओर सेसामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा, नवीन गोधा, राहुल जैन स्पोर्ट्स, कैलाश लुहाड़िया, इंद्रकुमार सेठी, गिरीश पटौदी, सुयश बाकलीवाल, प्रवीण पहड़िया, राजेश बज, पवन जैन गुना वाले, संजय कासलीवाल, प्रदीप बड़जात्या, हँसमुख गांधी, विजय पाटोदी, देवेंद्र सेठी, कमलेश कासलीवाल, सुमित लुहाड़िया, विमल झांझरी, टीनू जैन, पवन जैन पार्षद, पवन पाटोदी, वीणा सेठी, सोनल पहाड़िया, ममता बज, ऋचा बाकलीवाल, रेखा पतिंगया, सरिता जैन, निर्मला पटौदी, मंजू जैन, कैलाश वेद, टीके वेद, जैनेश झांझरी, विनय बाकलीवाल, धार से पवन गंगवाल, अनिल काला, प्रवीण बड़जात्या, जीतू सेठ सीमेंट फेक्ट्री वाला परिवार, प्रिन्सपाल टोंग्या, पवन जैन आदि ने श्री फल अर्पित कर अपनी भावनाएं व्यक्त कर आचार्य श्री से इंदौर में चातुर्मास करने का निवेदन किया। आचार्य श्री ने इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए इशारों में संकेत कर दिया है कि उनका चातुर्मास इंदौर में होगा।














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