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प्रो. आदित्य जैन को मिला ‘द एरुडाइट एजुकेटर इंटरनेशनल अवार्ड-2026’, नेपाल में बढ़ाया भारत और नीमच का गौरव : शिक्षा, साहित्य और अनुसंधान क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान


नीमच के ज्ञानोदय विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रो. आदित्य जैन को शिक्षा, साहित्य, अनुसंधान एवं पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समारोह में ‘द एरुडाइट एजुकेटर इंटरनेशनल अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया। पढ़िए मनोज जैन नायक की यह विशेष रिपोर्ट।


मुरैना/नीमच। शिक्षा, साहित्य, अनुसंधान और पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले नीमच निवासी प्रो. आदित्य जैन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्हें नेपाल के जनकपुरधाम स्थित राजर्षि जनक विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य समारोह में प्रतिष्ठित ‘द एरुडाइट एजुकेटर इंटरनेशनल अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली बड़ी उपलब्धि

ज्ञानोदय विश्वविद्यालय, नीमच के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में कार्यरत प्रो. आदित्य जैन को यह सम्मान 12 जून 2026 को आयोजित अंतरराष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया। यह पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, उच्च नैतिक मूल्यों, रचनात्मक कार्यों तथा समाजोपयोगी अकादमिक उपलब्धियों के मूल्यांकन के आधार पर दिया गया।

मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ सम्मान

समारोह के मुख्य अतिथि मधेश प्रदेश (नेपाल) के माननीय मुख्यमंत्री श्री कृष्ण प्रसाद यादव थे। राजर्षि जनक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बिद्या सागर ने प्रो. आदित्य जैन को सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

चार संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन

इस भव्य अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन गुरु विद्यापीठ रोहतक (भारत), अपराजिता फाउंडेशन काठमांडू (नेपाल), राजर्षि जनक विश्वविद्यालय जनकपुरधाम (नेपाल) तथा जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ उदयपुर (भारत) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

शिक्षा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान

राजर्षि जनक विश्वविद्यालय के उप प्रशासक डॉ. संतोष कुमार आर्यल ने बताया कि इस आयोजन में विश्वभर से शिक्षा, साहित्य और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली चुनिंदा हस्तियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।

आधुनिक पुस्तकालय विज्ञान के विशेषज्ञ प्रो. आदित्य जैन की साहित्यिक अभिरुचि भी अत्यंत समृद्ध है। उनकी चर्चित पुस्तक ‘सृजन’ में आचार्य श्री तुलसी के उत्कृष्ट विचारों का संकलन किया गया है, जो नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मानी जाती है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों से बनाई पहचान

प्रो. जैन के अनेक शोधपत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें अकादमिक जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

परिवार और संस्थान का मिला निरंतर सहयोग

प्रो. आदित्य जैन क्षेत्र के सुप्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. कृष्ण कुमार जैन के सुपुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि के पीछे ज्ञानोदय विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. माधुरी चौरसिया का विशेष मार्गदर्शन रहा। वहीं इंजीनियरिंग संकाय के प्राचार्य डॉ. ललित यादव ने उन्हें सदैव सकारात्मक सोच के साथ उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

विश्वविद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं

प्रो. आदित्य जैन की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर ज्ञानोदय विश्वविद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य, निरंतर अकादमिक उत्कृष्टता और सफल जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। यह सम्मान न केवल प्रो. जैन की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि शिक्षा जगत और पूरे क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है।

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