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मोती कटरा में श्री महावीर महामंडल विधान का समापन: श्रद्धा भक्ति से हुआ अभिषेक, की वृहद शांतिधारा


मोती कटरा स्थित हनुमान चौराहा के श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी की वेदी के जीणोद्धार के उपलक्ष्य में श्री महावीर महामंडल विधान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु के अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा के साथ हुआ। आगरा से पढ़िए, अनंत जैन की यह खबर…


आगरा। नवीन पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के मंगल आशीर्वाद से पंडित ऋषभ जैन शास्त्री एवं फकीर जैन शास्त्री के निर्देशन में शनिवार को मोती कटरा स्थित हनुमान चौराहा के श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भगवान महावीर स्वामी की वेदी के जीणोद्धार के उपलक्ष्य में श्री महावीर महामंडल विधान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु के अभिषेक एवं वृहद शांतिधारा के साथ हुआ। जिसके बाद सौभाग्यशाली अजय जैन एवं आशा जैन परिवार ने भगवान महावीर स्वामी की वेदी शुद्धि विधि की मांगलिक क्रियाएं की। वहीं उपस्थित भक्तों ने पंडित ऋषभ जैन शास्त्री के निर्देशन में अष्ट द्रव्यों के साथ श्रीजी के समक्ष मांडले पर अर्घ्य अर्पित कर विधान संपन्न किया। विधान में मौजूद भक्तों ने संगीत की धुनों पर जमकर नृत्यकर प्रभु की भक्ति का आनंद लिया। इस अवसर पर महावीरप्रसाद जैन, अनंतकुमार जैन, अरुणकुमार जैन, अजित जैन, सुनीलकुमार जैन, जयंती जैन, गिरीशचंद जैन, जिनेन्द्र जैन, रविंद्र जैन, शुभम जैन, सभी मोती कटरा जैन समाज बड़ी संख्या में उपस्थित रहा।

निरंतर आठ दिन हुई सिद्धों की भक्ति पूर्वक आराधना

मुनिश्री ने उपस्थित भव्य आत्माओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों ने निरंतर आठ दिन भक्ति भाव से सिद्ध परमेष्ठि की पूजा, भक्ति, आराधना करते हुए अर्घ समर्पित किए । ध्यान रखना, इस भक्ति को, इस आराधना को भूल मत जाना । अपने जीवन के लक्ष्य को निर्धारित करना । इस पूजा भक्ति के माध्यम से सिद्धों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों का पालन करना । सिद्ध परमेष्ठि ने हमें जो कुछ भी सिखाया है, उसे दिखावे के रूप में नहीं बल्कि अपने हृदय में विराजमान करना, उनके सिद्धांतों को हृदय में अंगीकार करना । प्रार्थना करना कि हे प्रभु आपकी भक्ति करते हुए हम भी एक दिन सिद्धालय में विराजमान हों । प्राणी मात्र के जीवन का यही एक अंतिम लक्ष्य होना चाहिए ।

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