विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन के नेतृत्व में निकली श्री नेमी गिरनार समर्पण शोभायात्रा 9 जुलाई को इंदौर पहुंचेगी। यात्रा में 1008 फीट का तिरंगा, 1008 फीट का जैन पचरंगी ध्वज, भगवान नेमीनाथ की झांकी और साधु-संतों का पावन सान्निध्य रहेगा। पढ़िए श्रीफल साथी राजेश जैन दद्दू की यह रिपोर्ट।
इंदौर। मालवा की धर्मनगरी इंदौर 9 जुलाई को भक्ति, राष्ट्रभक्ति और समर्पण के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगी। विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन के नेतृत्व में दिल्ली से प्रारंभ हुई ‘श्री नेमी गिरनार समर्पण शोभायात्रा’ का इंदौर में भव्य मंगल प्रवेश होगा। यात्रा के स्वागत को लेकर सकल जैन समाज में उत्साह का वातावरण है।
1008 फीट का तिरंगा और जैन ध्वज होंगे मुख्य आकर्षण
विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि शोभायात्रा में 1008 फीट लंबा विशाल राष्ट्रध्वज तिरंगा तथा 1008 फीट लंबा जैन पचरंगी ध्वज विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इन दोनों ध्वजों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और धर्मभक्ति का प्रेरक संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
भगवान नेमीनाथ की भव्य झांकी निकलेगी
यात्रा में सिद्ध क्षेत्र गिरनार की अलौकिक झांकी के साथ विशेष रूप से सुसज्जित रथ में 22वें तीर्थंकर भगवान श्री नेमीनाथ स्वामी विराजमान रहेंगे। श्रद्धालुओं को गिरनार तीर्थ की आध्यात्मिक अनुभूति कराने के उद्देश्य से विशेष सज्जा की गई है।
साधु-संतों का मिलेगा मंगल सान्निध्य
शोभायात्रा में पूज्य साधु-संतों का पावन समागम भी होगा। उनके मंगल आशीर्वचन एवं सान्निध्य से संपूर्ण वातावरण धर्ममय बनेगा। आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य भगवान नेमीनाथ के प्रति समर्पण भाव जागृत करना तथा संपूर्ण जैन समाज को एकता के सूत्र में जोड़ना है।
राजवाड़ा से महावीर बाग तक रहेगा भव्य स्वागत
विश्व जैन संगठन की इंदौर इकाई के अध्यक्ष मयंक जैन ने बताया कि शोभायात्रा के स्वागत की व्यापक तैयारियां की गई हैं। सकल जैन समाज ने इंदौरवासियों से 9 जुलाई को प्रातः 7:30 बजे राजवाड़ा पहुंचकर यात्रा के ऐतिहासिक स्वागत में सहभागी बनने की अपील की है। यात्रा राजवाड़ा से महावीर बाग तक निकाली जाएगी।
20 जुलाई को होगा गिरनार महावंदना का संकल्प
आयोजकों ने बताया कि समर्पण यात्रा का समापन 20 जुलाई को भगवान नेमीनाथ स्वामी के निर्वाण महोत्सव के अवसर पर होगा। इस दिन देशभर के श्रद्धालुओं को सिद्ध क्षेत्र गिरनार पहुंचकर महावंदना करने एवं धर्म समर्पण का संकल्प दिलाया जाएगा।













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