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इंदौर में धर्म और ज्ञान की अभूतपूर्व वर्षाः आचार्य श्री सुनीलसागर जी का मंगल प्रवेश 11 जुलाई को


अहिल्याबाई की नगरी इंदौर में इस बार वर्षायोग के दौरान धर्म और आध्यात्मिक ज्ञान की अभूतपूर्व वर्षा होने की संभावना है। दिगंबर जैन समाज के लिए यह गौरव का विषय है कि चतुर्थ पट्टाचार्य एवं प्राकृताचार्य के रूप में पूजित आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश 11 जुलाई को इंदौर में होगा। इंदौर ब्यूरो डेस्क की यह रिपोर्ट पढ़िए…


इंदौर। अहिल्याबाई की नगरी इंदौर में इस बार वर्षायोग के दौरान धर्म और आध्यात्मिक ज्ञान की अभूतपूर्व वर्षा होने की संभावना है। दिगंबर जैन समाज के लिए यह गौरव का विषय है कि चतुर्थ पट्टाचार्य एवं प्राकृताचार्य के रूप में पूजित आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज का 11 जुलाई को अतिशय क्षेत्र नवग्रह जिनालय में दर्शन कर इंदौर में भव्य मंगल प्रवेश होगा। यहां उनका अंतर्मुखी मुनि पूज्यसागर जी महाराज से वात्सल्य मिलन भी होगा। नेमिनगर जैन कॉलोनी एवं नेमिनगर दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने आचार्यश्री के वर्षायोग की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। चातुर्मास कमेटी के संयोजक इंदर सेठी ने बताया कि 12 जुलाई को राजवाड़ा से आचार्यश्री की मंगल अगवानी की जाएगी। इसके पश्चात भव्यातिभव्य शोभायात्रा राजवाड़ा से प्रारंभ होकर उदासीन आश्रम तक निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में समाज के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की अपेक्षा है। यह अति सौभाग्य की बात है कि इस बार इंदौर में 8 से 10 संघों का चातुर्मास होने की पूरी संभावना है।

मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के पग भी इंदौर की ओर 

इंदौर का सौभाग्य इस बार और भी बढ़ गया है क्योंकि गुना से विहार करते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज का पग भी इंदौर की ओर बढ़ रहा है। विगत दिनों सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा के नेतृत्व में दिगंबर जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल गुना जिले के आवन गांव पहुंचा। वहां उन्होंने मुनिश्री सुधासागर जी से इंदौर में वर्षायोग करने का विनम्र निवेदन किया। समाज को पूर्ण विश्वास है कि मुनिश्री का भी वर्षायोग शीघ्र ही मां अहिल्या की नगरी को प्राप्त हो जाएगा।

धर्म प्रभावना अपने चरमोत्कर्ष पर होगी

यदि दोनों दिगंबर संतों का चातुर्मास इंदौर में होता है तो यहां धर्म प्रभावना अपने चरमोत्कर्ष पर होगी। चार माह तक चलने वाले इस वर्षायोग में ज्ञान, स्वाध्याय, शंका समाधान, प्रवचन, विधान और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम निरंतर चलेगा। इससे न केवल मालवांचल अपितु पूरे प्रदेश के श्रद्धालुओं को धर्म लाभ मिलेगा।

 धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा

दिगंबर जैन समाज के पदाधिकारियों का मानना है कि आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज के आगमन से समाज के पुण्य में अकूत वृद्धि होगी। वर्षायोग के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इंदौर आएंगे जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। तैयारियों को लेकर विभिन्न समितियां बनाई गई हैं, जो भोजन व्यवस्था, आवास, सुरक्षा और कार्यक्रमों के सफल संचालन को सुनिश्चित करेंगी।

युवा पीढ़ी के लिए स्वर्णिम अवसर 

समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि इंदौर में एक साथ दो उच्च संतों का सान्निध्य मिलना अत्यंत दुर्लभ संयोग है। इससे युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

इंदौर में डबल चातुर्मास की तैयारी-क्या है खास

कौन आ रहेः आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज – 11 जुलाई को मंगल प्रवेश

– दूसरे संतः मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज – इंदौर आगमन प्रस्तावित

– मुख्य कार्यक्रमः 12 जुलाई को राजवाड़ा से उदासीन आश्रम तक विशाल शोभायात्रा

– आयोजन स्थलः नेमिनगर जैन कॉलोनी, इंदौर

– समयः वर्षायोग- 4 माह

क्यों महत्वपूर्ण 

दोनों संतों के सान्निध्य से इंदौर में धर्म प्रभावना, ज्ञान, स्वाध्याय और शंका समाधान के कार्यक्रम होंगे। समाज की अपील पर मुनिश्री सुधासागर जी से आवन गांव में निवेदन किया गया था।

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