नौगामा स्थित सुखोदय तीर्थ में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। देशभर में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं तथा दानवीर अशोक पाटनी एवं पूज्य पवित्रमति माताजी को भी आमंत्रण देकर आशीर्वाद लिया गया। पढ़िए श्रीफल साथी सुरेश चंद्र गांधी की यह रिपोर्ट।
नौगामा (जिला बांसवाड़ा, राजस्थान)। सुखोदय तीर्थ नसियाजी में नवनिर्मित जिनालय में भगवान मुनिसुव्रतनाथ की काले पाषाण की प्रतिमा के भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। संपूर्ण नौगामा नगरी को तोरण द्वार, पंचरंगी ध्वज एवं आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जा रहा है।
प्रतिमा को मिलेगा मुनि श्री सुधा सागर का आशीर्वाद
जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली ने बताया कि परम पूज्य मुनि श्री 108 सुधा सागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से प्रतिमा का तिलक संस्कार संपन्न हुआ है। प्रतिष्ठाचार्य सुयश प्रदीप भैया (अशोकनगर) के मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा प्रतिष्ठा संपन्न होगी। प्रतिमा को पहले मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के वर्तमान मंगल विहार स्थल पर ले जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त कराया जाएगा, इसके बाद प्रतिमा नौगामा पहुंचेगी।
देशभर में भेजे जा रहे निमंत्रण
प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए संपूर्ण भारतवर्ष में निमंत्रण भेजे जा रहे हैं। इसी क्रम में किशनगढ़ पहुंचकर दानवीर आरके मार्बल के अशोक जी पाटनी को निमंत्रण पत्र भेंट किया गया। साथ ही पूज्य पवित्रमति माताजी को भी पत्रिका भेंट कर उनके मंगल आशीर्वाद प्राप्त किए गए।
प्रशासन को भी किया आमंत्रित
आयोजन समिति द्वारा जिलाधीश, पुलिस अधीक्षक, डीवाईएसपी, तहसीलदार बागीदौरा सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को भी निमंत्रण पत्र सौंपे गए हैं, ताकि वे इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर सकें।
भव्य शोभायात्रा होगी आकर्षण का केंद्र
प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान हाथी पर सौधर्म इंद्र के प्रतीक स्वरूप सवारी के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में महिलाएं केसरिया वस्त्रों में, पुरुष सफेद परिधान में तथा बालिकाएं मंगल कलश धारण कर नगर भ्रमण करेंगी। बैंड-बाजों और धार्मिक उल्लास के साथ यह आयोजन क्षेत्र की विशेष आस्था का केंद्र बनेगा।
समाज में उत्साह का वातावरण
सुखोदय तीर्थ को विशेष रूप से सजाया जा रहा है तथा संपूर्ण जैन समाज आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटा हुआ है। समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी ने बताया कि श्रद्धालुओं में प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण है।













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