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मुरैना जैन मंदिर में जिनेंद्र भक्ति एवं देश भक्ति का अनोखा संगम : युगल मुनिराजों ने स्वतंत्रता दिवस पर विशेष उद्वोधन दिया


मुरैना के बड़े जैन मंदिर में स्वतंत्रता दिवस पर भक्ति और देश भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूज्य युगल मुनिराजों ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए देश की महानता और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। पढ़िए मनोज जैन नायक की ख़ास रिपोर्ट…


स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बड़े जैन मंदिर में जिनेंद्र भक्ति और देश भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। धर्म भक्ति और देश भक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों का आयोजन बड़े भव्यता के साथ किया गया।

श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मंदिर के ऑडिटर डॉ. मनोज जैन ने बताया कि पूज्य मुनिराजश्री विलोकसागरजी एवं मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज के सान्निध्य में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर बालिका मंडल और महिला मंडलों द्वारा देश भक्ति पूर्ण विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

देश भक्ति से संबंधित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी

प्रातःकालीन वेला में जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक, शांतिधारा और पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात ध्वजारोहण किया गया और बालिका मंडल ने तिरंगा ध्वज के साथ विशेष परेड प्रस्तुत की। महिला मंडलों ने भी देश भक्ति से संबंधित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। सभी कार्यक्रमों में अनुशासन और देशभक्ति की झलक दिखाई दी। समारोह के शुभारंभ में आचार्यश्री विद्यासागर एवं आचार्यश्री आर्जवसागरजी महाराज के चित्र का अनावरण और दीप प्रज्वलन विनोद जैन, प्रेमचंद जैन, डॉ. मनोज जैन, जवाहरलाल वरैया और मनोज जैन नायक ने किया। पूज्य युगल मुनिराज और ब्रह्मचारी राहुल मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रतिष्ठाचार्य संजय शास्त्री (सिहोनिया वाले) और डॉ. मनोज जैन ने किया।

युगल मुनिराजों का उद्वोधन

“हमारा देश भारत महान है। इस भूमि की प्रत्येक कण पवित्र है, जहां 24 तीर्थंकरों के साथ राम, कृष्ण, बुद्ध जैसे महापुरुषों ने जन्म लेकर इसे और वंदनीय बनाया। जैन समाज ने देश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश में सदैव शांति, भाईचारा, अहिंसा और जीवदया की भावना बनी रहे। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश का मान और प्रतिष्ठा बनाए रखे। शिक्षा नीति में सुधार देश की उन्नति के लिए आवश्यक है। मुनिश्री विलोकसागरजी और मुनिश्री विबोधसागरजी महाराज ने उपस्थित धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “इंडिया नहीं, भारत बोलो।” उन्होंने बच्चों और युवाओं से देशभक्ति और आध्यात्मिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपस्थित सभी समाजजनों ने देशभक्ति और भक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन का आनंद लिया।

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