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मुनिश्री का दादाबाड़ी नसिया जी में हुआ भव्य मंगल प्रवेश: 51 स्वागत द्वार सजाए एवं रंगोली सजाई गई


आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के परम प्रभावक आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री नीरज सागर एवं मुनिश्री निर्मदसागरजी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। मंगल अगवानी हुई। अगवानी में जैन समाज उमड़ा। पढ़िए कोटा से यह खबर…


कोटा। आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के परम प्रभावक आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य मुनिश्री नीरज सागर एवं मुनिश्री निर्मदसागरजी महाराज का मंगल प्रवेश पुण्योदय अतिशय क्षेत्र दादाबाडी नसिया जी में सुबह सवा 8 बजे हुआ। नसियाजी के अध्यक्ष जंबू जैन सर्राफ ने बताया कि शुक्रवार  को सुबह 7 बजे मुनिद्वय का विहार विज्ञान नगर से हुआ। इससे पूर्व मुनि श्री निर्मदसागरजी महाराज ने शांतिधारा का उच्चारण किया। जिस पर श्रद्धालुओं ने पांडुशिला पर विराजित जिनेंद्र भगवान के मस्तक पर शांतिधारा की। निर्देशक हुकम जैन काका ने बताया कि दादाबाडी में जयकारों के बीच प्रवेश दादाबाड़ी प्रवेश से पूर्व मोदी कॉलेज पुलिया पर बैंडबाजों के साथ मुनिसंघ की भव्य अगवानी की गई।

शोभायात्रा में गूंजे जयकारे
यहां से भव्य शोभायात्रा के रूप में जयकारांे के साथ धर्म ध्वजा लेकर चल रहे युवा मंडल एवं महिला मंडल के सदस्यों से आसमान गुंजायमान कर दिया। मार्ग में जगह-जगह रंगोली सजाई गई और सजे स्वागतद्वार पर मुनि संघ के पाद प्रछालन एवं आरती की गई। अर्चना जैन सर्राफ ने बताया कि मुनि संघ के प्रवचन से पूर्व सभी महिला मंडलों, सकल समाज पदाधिकरियांे, सरावगी समाज दादाबाड़ी और श्रद्धालुओं ने आचार्य विद्या सागर महाराज की अष्ट द्रव्य थाली से संगीतमय पूजा की संगीतकार सौरभ सिद्धार्थ ने अपनी संगीत की सुमधुर धुनों के साथ दिव्य पूजा कराया।

रिद्धि मंत्र की आराधना और प्रतियोगिताएं होंगी
रविवार को रिद्धिमंत्र आराधना की होगी। धर्मचंद धनोपिया ने बताया की मुनि संघ के सानिध्य में कोटा में पहली बार 8 दिसम्बर  रविवार शाम को कार्यक्रम होंगे। शाम 5.15  बजे आरती सजाओ प्रतियोगिता होगी। थाली घर से सजा कर लाना है। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। शाम 5.30 बजे आचार्य भक्ति होगी। शाम 5.40 बजे ध्वनि मंत्र पाठ होगा।

आराधना में लीन रहेंगे
शाम 5.45 बजे अनुष्ठान, 64 ऋद्धि-ऋषि दीप आराधना का भव्य आयोजन होगा। इसमें पूरे हाड़ौती संभाग के श्रद्धालुगण बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। मनीष मोहिवाल ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन पार्श्वमणि को बताया कि नसिया जी में प्रवास के दौरान सुबह जिनेंद्र भगवान के अभिषेक, शांतिधारा, आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की पूजन एवं मुनिद्वय के प्रवचन एवं आहारचर्या संपन्न होंगे। दोपहर शास्त्र स्वाध्याय, संध्या काल में प्रतिक्रमण,आरती एवं सामयिक होगी।

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