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सिद्ध चक्र महामंडल विधान के चौथे दिन 128 अर्घ्य चढ़ाए : भगवान महावीर स्वामी का तप कल्याणक मनाया गया  


नगर के दिगंबर जैन महावीर मंदिर में वात्सल्य मूर्ति मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में चल रहे श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के चौथे दिन सोमवार को धूमधाम से सिद्ध भगवान की आराधना की गई। विधानाचार्य पंडित भागचंद जैन के संचालन में सिद्ध परमेष्ठी का गुणानुवाद करते हुए विधान मंडप के पांचवें वलय में 128 अर्घ्य चढ़ाए गए। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…


धरियावद। नगर के दिगंबर जैन महावीर मंदिर में वात्सल्य मूर्ति मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज के सान्निध्य में चल रहे श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के चौथे दिन सोमवार को धूमधाम से सिद्ध भगवान की आराधना की गई। विधानाचार्य पंडित भागचंद जैन के संचालन में सिद्ध परमेष्ठी का गुणानुवाद करते हुए विधान मंडप के पांचवें वलय में 128 अर्घ्य चढ़ाए गए। इस अवसर पर इस मंदिर के मूलनायक और जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का तप कल्याणक दिवस भी मनाया गया। महावीर भगवान की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए उन्हें अर्घ्य समर्पित किए गए। सुबह के समय मुनि संघ के सान्निध्य में जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा और अभिषेक किया गया। इसके बाद मुनि श्री का प्रवचन और विधान-पूजन हुआ। संघस्थ बालब्रह्मचारिणी वीणा देवी के निर्देशन में संगीतकार हरजीत एंड पार्टी की मधुर धुनों पर श्रावक और श्राविकाओं ने झूमते हुए प्रभु की आराधना की।

शाम को जिनेंद्र भगवान और मुनि पुण्य सागर जी की आरती के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) से आई अंशुल जैन एंड पार्टी ने सिद्धचक्र महामंडल कथा के मूल पात्र श्रीपाल और मैना सुंदरी पर आधारित सुंदर नाटिका का मंचन किया।

धरियावद निवासी श्रावक श्रेष्ठी ख्यालीलाल-तिलक देवी गनोड़िया परिवार की ओर से महावीर मंदिर में 9 दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है, जिसका समापन 30 नवंबर को विश्वशांति महायज्ञ और भव्य रथयात्रा के साथ किया जाएगा।

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Shreephal Jain News

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