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जानिए कहां है एक हजार साल पुरानी अतिशयकारी प्रतिमाएं : कहां से आता है जल आज भी पहेली है यहां


जैन तीर्थ भाववन्दना टिकटोली एक हजार साल पुरानी अतिशयकारी प्रतिमाएं मौजूद हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। पढ़िए राजीव सिंघई और  सुलभ जैन का  यह विशेष आलेख….


टिकटोली। मुरैना जिले में एक ऐसा रहस्यमयी और चमत्कारी स्थान है, जहां पहाड़ों के बीच घने जंगल मे प्राकृतिक झरने के सामने चट्टानों पर 1000 वर्ष प्राचीन भगवान श्री शांतिनाथ, कुंथुनाथ व अरनाथ की दुर्लभ व अतिशयकारी प्रतिमा बनी हुई हैं। यहां एक प्रतिमा श्री पार्श्वनाथ भगवान की भी है, इस स्थान के बारे में कम ही लोगो को जानकारी उपलब्ध है।

बहता है प्राकृतिक झरना 

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में, कैलारस से करीब 30 किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में स्थित जंगल में टिकटोली दूमदार पंचायत में थाना निरार के अंतर्गत आने वाले जैन मंदिर को आस्था एवं विश्वास का प्रतीक कहा जाता है। यहां पहाड़ पर मिली प्रतिमाएं अति दुर्लभ व महा अतिशयकारी हैं। 11 वीं सदी के समय की तीर्थंकर श्री शांतिनाथ, कुंथुनाथ व अरनाथ भगवान की प्रतिमाएं यहां पहाड़ों में ही काट कर बनाई गई हैं।

 

मन्दिर के सामने एक प्राकृतिक झरना है, जो 12 महीने लगातार पहाड़ों से धरती की तरफ जाता है लेकिन आज तक उस झरने का कोई यह पता नहीं लगा पाया कि यह जल कहां से आता है। चारों तरफ केवल पहाड़ व जंगल हैं। पानी का कोई भी स्त्रोत नहीं है, फिर भी वहां करीब 50 फीट ऊंचाई से पानी झरने के रूप में बह रहा है।

खतरे में है क्षेत्र

यह क्षेत्र किसी काल मे बहुत प्राचीन व महान जैन मंदिर रहा होगा, किंतु काल प्रभाव से अब यह वैभवशाली नगरी घने जंगल में है। अन्य समाज द्वारा यहां कई मिथ्या मान्यताएं प्रचलित की जा रही हैं, जिससे अब यह क्षेत्र खतरे में है।

कैसे पहुंचें

टिकटोली दमदार गांव मध्य प्रदेश में मुरैना जिले की जौरा तहसील में स्थित है । यह जौरा से 17 किमी और मुरैना से 44 किमी दूर है। इस स्थान से सिंहोनिया तीर्थ 76 किमी है ।

ट्रेन: जोरा अलापुर रेलवे स्टेशन

हवाई अड्डा: ग्वालियर हवाई अड्डा

 

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