जैन समाज ने एसआइटी या न्यायिक जांच कराने और विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाने तथा संत प्रोटोकॉल का निर्धारण करने की मांग की गई। हटा से पढ़िए, यह खबर…
आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण: जैन समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, उच्चस्तरीय जांच की मांग
हटा/दमोह। विहाररत आर्यिका माताजी के साथ हुई दुखद घटना को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश है। समाज के प्रतिनिधियों ने एसडीएम हटा के माध्यम से कलेक्टर दमोह को ज्ञापन सौंपकर प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में विहाररत आर्यिका माताजी के साथ हुई दुर्घटना में संघ की पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक निधन हो गया। यह घटना केवल सड़क दुर्घटना भर नहीं मानी जा सकती। उपलब्ध तथ्यों एवं वीडियो क्लिपों के आधार पर समाज में गहरी आशंका का वातावरण निर्मित हुआ है।
प्रमुख मांगें
1. घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच: प्रकरण की एसआईटी अथवा न्यायिक जांच कराई जाए।
2. डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हों: घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएं।
3. राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति: विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति लागू की जाए।
साधु-संतों की सुरक्षा पर चिंता
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते। ऐसे संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं एवं हमले सम्पूर्ण समाज के लिए अत्यन्त चिंताजनक विषय हैं।













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