समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी के शिष्य आचार्य श्री ज्ञेयसागर जी की शिष्या आर्यिका प्रशममति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी का शनिवार सुबह नगर में आगमन हुआ। जैसे ही नगर में आगमन हुआ इंद्रदेव जमकर बरसे। मानो लग रहा था इंद्रदेव भी आगमन से हर्षित हो रहे हैं। रामगंजमंडी से पढ़िए, यह खबर…
रामगंजमंडी। समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी के शिष्य आचार्य श्री ज्ञेय-सागर जी की शिष्या आर्यिका प्रशममति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी का शनिवार सुबह नगर में आगमन हुआ। जैसे ही नगर में आगमन हुआ इंद्रदेव जमकर बरसे। मानो लग रहा था इंद्रदेव भी आगमन से हर्षित हो रहे हैं। माताजी संघ को नगर की सीमा पर स्थित कमल फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप से थाना चौराहा होते हुए बाजार नंबर एक शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर लाया गया। मार्ग में माताजी संघ ने श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर के भी दर्शन किए। माताजी संघ का भारी वर्षा के बीच नगर के प्रमुख मार्गाे से होते हुए आगमन हो रहा था तो इंद्रदेव उनकी अगवानी में जमकर बरस रहे थे । भारी वर्षा के बीच भक्तों के उत्साह में भी कोई कमी नहीं थी एवं तन-मन-धन समर्पित करते हुए भक्त गुरु मां के साथ भारी बारिश की परवाह किए बिना अपना सर्वत्र समर्पित किए हुए थे एवं भक्तिमय भजनों पर झूम रहे थे। बस यही मन में भाव कर रहे थे बारिशों की छम-छम में गुरु मां तेरे दर पर आए हैं।
‘गुरु मा दया कर दो झोलियां सबकी भर दो’ भजनों पर झूमे भक्त
‘गुरु मा दया कर दो झोलियां सबकी भर दो पारस प्यारा लागों’ आदि भजनो पर झूमते हुए भक्त भक्ति से ओत-प्रोत थे। निश्चित रूप से रामगंजमंडी में भक्तों की भक्ति समर्पण का एक अभूतपूर्व उदाहरण देखने को मिला। जैसे ही गुरु मां शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंची मंदिर के प्रवेश द्वार पर संरक्षक अजीत कुमार सेठी, अध्यक्ष दिलीप विनायका, एवंम समाजबंधुओं ने गुरु मां की अगवानी की। माताजी ने मूलनायक शांतिनाथ भगवान के दर्शन किए एवं समस्त जिनालय के दर्शन करते हुए जिनालय का अवलोकन किया। माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि यदि नगर में साधु विराजमान हैं तब तक साधु को ही प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि यदि धरती पर साधु का अभाव हो जाएगा तो धर्म समाप्त हो जाएगा। जैन धर्म बहुत सुंदर हैं, लेकिन स्वार्थ के कारण हमने इस जटिल बना दिया है। दोपहर की बेला में स्वाध्याय हुआ एवं संध्या बेला में माताजी का मंगल विहार सराफ फार्म हाउस तक हुआ। रविवार की प्रातः माता जी का आगमन मोड़क ग्राम में हुआ। आहारचर्या भी वही हुई। माताजी संघ का इस वर्ष का वर्षायोग सिंगोली मध्यप्रदेश में होगा।













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