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स्फटिक मणि की प्रतिमा अब स्वर्ण वेदी पर विराजमान होगी: वेदी को डेढ़ किलो स्वर्ण से किया सुसज्जित 


समोशरण मंदिर कंचन बाग में विश्व की सबसे बड़ी स्फटिक मणि की भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा स्वर्ण वेदी पर विराजमान होगी। दरअसल, भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा जिस वेदी पर विराजमान की गई थी उस वेदी को मुनि श्री की ही प्रेरणा एवं समाज सहयोग से डेढ़ किलो स्वर्ण से सज्जित नक्काशीदार वेदी के रूप में परिवर्तित एवं स्थापित किया गया है। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट…


इंदौर। मुनि श्री आदित्य सागर, मुनि श्री अप्रमित सागर एवं मुनि श्री सहज सागर महाराज की प्रेरणा एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के आशीर्वाद से पिछले दिनों आजाद कुमार जैन एवं सी ए अशोक खासगीवाला वाला परिवार द्वारा समोशरण मंदिर कंचन बाग में विश्व की सबसे बड़ी स्फटिक मणि की भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा स्वर्ण वेदी पर विराजमान होगी। दरअसल, भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा जिस वेदी पर विराजमान की गई थी उस वेदी को मुनि श्री की ही प्रेरणा एवं समाज सहयोग से डेढ़ किलो स्वर्ण से सज्जित नक्काशीदार वेदी के रूप में परिवर्तित एवं स्थापित किया गया है।

इस उपलक्ष में समोशरण मंदिर में 16 से 18 मई तक तीन दिवसीय स्वर्ण वेदी स्थापना एवं महामस्तकाभिषेक समारोह का शुभारंभ मंगलवार को मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में घट यात्रा, वेदी शुद्धि और मुनि श्री के प्रवचन से हुआ। प्रचार प्रमुख राजेश जैन दद्दू एवं हंसमुख गांधी ने बताया कि बुधवार 17 मई को प्रातः 6:30 बजे से नित्य नियम अभिषेक पूजन, इंद्र प्रतिष्ठा, मंडप प्रतिष्ठा एवं याग मंडल विधान और सुबह नौ बजे मुनि श्री के प्रवचन होंगे। 18 मई को भगवान शांतिनाथ स्वामी के जन्म, तप और मोक्ष कल्याणक के उपलक्ष में भगवान शांतिनाथ की पूजन, महामस्तकाभिषेक एवं शांतिनाथ भगवान को निर्वाण लाडू समर्पण और मुनि श्री के प्रवचन होंगे।

प्रतिमा की ख्याति दूर-दूर तक फैलेगी:

आज घट यात्रा समापन के पश्चात मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने संक्षिप्त प्रवचन देते हुए कहा कि आप सब के प्रयास और सहयोग से स्फटिक मणि की शांतिनाथ भगवान की प्रतिमा के अब स्वर्ण वेदी पर विराजमान होने से प्रतिमा एवं समोशरण मंदिर की शोभा द्विगुणित हो गई है और इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैलेगी एवं समोशरण मंदिर समोशरण तीर्थ इंदौर के नाम से पहचाना जाएगा।

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