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गुमास्ता नगर में चातुर्मास कलश स्थापना की: आत्म साधना में लीन हो धर्म साधना का मार्ग दिखाया 


नगर के गुमास्ता नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को चातुर्मास कलश की स्थापना भक्तिभाव के साथ हुई। इस अवसर पर आचार्य श्री विशद सागर जी, आचार्य श्री विभव सागर जी, और आचार्य श्री विप्रणत सागर जी सहित लगभग 26 मुनि एवं माताजी संघ का सानिध्य मिला। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…


इंदौर। नगर के गुमास्ता नगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में रविवार को चातुर्मास कलश की स्थापना अत्यंत भक्तिभाव और उत्साह के साथ संपन्न हुई। यह अवसर विशेष रूप से आचार्य श्री विशद सागर जी, आचार्य श्री विभव सागर जी, और आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज सहित लगभग 26 मुनि एवं माताजी संघ के सानिध्य में गरिमामय रहा। यह जैन समाज के लिए एक अत्यंत पुण्य का अवसर था कि रत्नत्रय की प्रतिमूर्ति माने जाने वाले तीनों आचार्य एक साथ इस पुनीत कार्यक्रम में उपस्थित थे। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए सुदामनगर, जैन कॉलोनी, परदेशीपुरा, बीस पंथी मंदिर, मोदी जी की नसिया, नरसिंहपुरा जिनालय सहित विभिन्न क्षेत्र से बड़ी संख्या में धर्मावलंबी, सामाजिक संसद पदाधिकारी, पुलक मंच के सदस्य और सोशल ग्रुप फेडरेशन के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जैन धर्म की प्रभावना बढ़ाई और आत्म साधना में लीन होकर समस्त समाज को धर्म साधना का मार्ग दिखाया।

कलश स्थापना का सौभाग्य इनको मिला 

चातुर्मास कलश स्थापना के इस पावन कार्यक्रम में प्रथम कलश स्थापित करने का सौभाग्य निलेश रमणलाल कोठारी परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय कलश सुनीता पीयूष बड़जात्या, सेठिया परिवार, प्रतिपाल कुसुम टोंग्या और विनय चौधरी परिवार को अर्पित किया गया। इसके अतिरिक्त 51 सामान्य कलश भी सदस्यों द्वारा स्थापित किए गए, जो समाज में धर्म के प्रति गहरी आस्था और समर्पण को दर्शाता है। यह चातुर्मास जैन समाज के लिए आत्मिक उन्नति और धार्मिक अनुष्ठानों का एक महत्वपूर्ण काल होगा। जिसमें सभी साधु-संतों के मार्गदर्शन में धर्म साधना का क्रम अनवरत जारी रहेगा।

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