निकटवर्ती ग्राम सुनवाहा में गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य जनसंत उपाध्याय श्री विरंजन सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के निर्वाण कल्याणक पर महामस्तकाभिषेक के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। पढ़िए रत्नेश जैन बकस्वाहा की रिपोर्ट…
बकस्वाहा। निकटवर्ती ग्राम सुनवाहा में गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य जनसंत उपाध्याय श्री विरंजन सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सान्निध्य में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के निर्वाण कल्याणक पर महामस्तकाभिषेक के साथ निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। दोपहर में भक्तामर विधान, आदिनाथ विधान में इंद्र-इंद्राणियों ने अर्घ्य चढ़ाए।
इस मौके पर श्री विराग श्रमण संस्कृति भवन का लोकार्पण उपाध्यक्ष श्री विरंजन सागर जी, मुनि श्री विश्वदृग सागर जी व मुनि श्री विशौम्य सागर ससंघ के मंगल सान्निध्य में गरिमामय समारोह में किया गया। इस अवसर पर बकस्वाहा, बम्हौरी, निवार, मझगुवांघाटी, कुडई, शाहगढ़, नैनागिरि आदि बाहर से पधारे अतिथियों का अभिवादन सुनवाहा समाज की ओर से सुरेश सिंघई, प्रमोद सेठ, डॉ. हरगोविंद, मोहन, अंकित, आशीष, संजू आदि ने किया।













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