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आचार्य श्री विप्रणतसागर जी ने कहा जब हम जागृत होंगे गिरनार स्वतंत्र होकर रहेगा: मां अहिल्या की पावन धरा पर गूंजा चलो गिरनार का जयघोष, भगवान नेमिनाथ के लगे गगनभेदी नारे


मां अहिल्या की पावन धरा इंदौर नगरी में गुरुवार को 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के गगनभेदी जयकारे गूंजे। 1008 फिट के राष्ट्र ध्वज के साथ धर्म ध्वज थामे बड़ी संख्या में सकल दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक राजवाड़ा से नेमि-गिरनार धर्म यात्रा में सहभागिता कर दिखा दिया कि इंदौर सकल जैन समाज गिरनार यात्रा के लिए पूर्ण समर्पित है। गुरुवार को ठीक 8.05 बजे राजवाड़ा पहुंची गिरनार धर्मयात्रा का यहां समाजजनों ने आत्मीय अभिनंदन किया। इंदौर से पढ़िए, इंदौर ब्यूरो डेस्क की यह विशेष रिपोर्ट…


इंदौर। मां अहिल्या की पावन धरा इंदौर नगरी में गुरुवार को 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के गगनभेदी जयकारे गूंजे। 1008 फिट के राष्ट्र ध्वज के साथ धर्म ध्वज थामे बड़ी संख्या में सकल दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक राजवाड़ा से नेमि-गिरनार धर्म यात्रा में सहभागिता कर दिखा दिया कि इंदौर सकल जैन समाज गिरनार यात्रा के लिए पूर्ण समर्पित है। गुरुवार को ठीक 8.05 बजे राजवाड़ा पहुंची गिरनार धर्मयात्रा का यहां समाजजनों ने आत्मीय अभिनंदन किया। रथ पर बनाए गए सिद्ध क्षेत्र गिरनार पर्वत की चौथी टोंक पर विजराजित भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा तथा एक अन्य वाहन में प्रतिष्ठित प्रतिमा के दर्शन करने के लिए श्रद्धालु भक्त जन उमड़ पड़े। नेमि-गिरनार धर्म यात्रा राजवाड़ा से आरंभ होकर मल्हारगंज, मोदी जी की नसिया, बड़ा गणपति होते हुए महावीर पहुंची। इस धर्म यात्रा में आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज भी साथ चल रहे थे और मुनिश्री सम्बुद्धिसागर जी महाराज का भी परम सानिध्य प्राप्त हुआ।

गिरनार जी की स्वतंत्रता के लिए अधिक चेतना की जरूरत

आचार्य श्री विप्रणतसागर जी महाराज ने महावीर बाग में हुई धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब हम जागृत होंगे तब तक गिरनार सिद्ध क्षेत्र स्वतंत्र होकर रहेगा। उन्होंने भारत की परतंत्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि अंग्रेजों के शासन और उनकी दमनकारी नीतियों से ऐसा देशभक्ति का ज्वार आया कि कमजोर लोगों में जोश आ गया और वे जागृत हुए। इसका परिणाम हुआ कि भारत आजाद हो गया। उन्होंने कहा कि हम कमजोर रहे तो गिरनार को मुक्त नहीं करा सकते। संगठित होकर एकता का परिचय देते हुए सामाजिक जागृति और तन-मन-धन से समर्पण करने से ही गिरनार क्षेत्र को स्वतंत्र कराया जा सकता है। उन्होंने विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन की दृढ़ इच्छा शक्ति की अनुमोदना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।

समाजजन गिरनार जी में ऐतिहासिक उपस्थिति का रिकार्ड बनाएंगे

इस अवसर पर मुनिश्री सम्बुद्धिसागर जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रबोधन में कहा कि यहां एकत्रजनों में से प्रत्येक तन-मन-धन से गिरनार जी यात्रा के लिए पूर्ण समर्पण करे तो इंदौर से जाने वाले समाजजन गिरनार जी में ऐतिहासिक उपस्थिति का रिकार्ड बना सकते हैं। उन्होंने भी सभी आशीर्वाद देते हुए विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन के इस निर्भीक साहस की अनुमोदना की और सभी उपस्थित समाजजनों को यात्रा को सफल बनाने का संकल्प दिलवाया।

संजय जैन का किया अभिनंदन 

दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, हंसमुख गांधी, मनीष नायक, राहुल जैन स्पोर्टस, टीके वेद सहित अन्य समाज श्रेष्ठियों ने विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष संजय जैन का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्हें दुप्पटा और माला पहनाकर स्वागत किया।

इन्होंने भी रखे अपने विचार

महावीर बाग में हुई धर्मसभा में सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, हंसमुख गांधी, टीके वेद, सचिन जैन, राहुल जैन स्पोर्टस, जैनेश झांझरी, नकुल पाटोदी ने भी अपने विचार रखकर अधिक से अधिक संख्या में 20 जुलाई को गिरनारजी पहुंचकर धर्म प्रभावना बढ़ाने का आह्वान किया। सभी वक्ताओं ने तन-मन-धन से सहयोग कर बसों का बंदोबस्त करने और अधिक से अधिक लोगों को यात्रा में शामिल करने के लिए आर्थिक सहयोग करने का निवेदन भी किया।

इस अवसर पर दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, वरिष्ठ समाज श्रेष्ठी अमित कासलीवाल, मनोहर झांझरी, हंसमुख गांधी, कैलाश वेद, इंद्र सेठी, निर्मल सेठी, कैलाश लुहाड़िया, नवनीत जैन, नकुल पाटोदी, पार्षद राजीव जैन, मयंक जैन, संतोष जैन, राजेश नीता जैन, संजय जैन अहिंसा, पवन जैन, सुशील पांड्या, सुभाष पहाड़िया, सचिन जैन, मनीष नायक सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवक-युवतियां धर्म ध्वजा लेकर मौजूद रहे। संचालन मयंक जैन ने किया। आभार सामाजिक संसद के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने माना।

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