प्रसिद्ध अतिशयक्षेत्र पदमपुरा बाड़ा (जयपुर) में 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का पंचकल्याणक में प्रमुख मंगल निर्देशन देने के लिए मंगल प्रवेश 8 फरवरी को हो चुका है। पदमपुरा से पढ़िए, राजेश पंचोलिया की यह खबर…
पदमपुरा( जयपुर)। प्रसिद्ध अतिशयक्षेत्र पदमपुरा बाड़ा (जयपुर) में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का पंचकल्याणक में प्रमुख मंगल निर्देशन देने के लिए मंगल प्रवेश 8 फरवरी को हो चुका है। नूतन चौबीसी की मंगल प्रेरणादाता आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण जी भी विराजित हैं। अध्यक्ष सुधीर जैन दौसा, मानद मंत्री हेमंत सोगानी, और कोषाध्यक्ष राजकुमार कोठारी ने बताया कि श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पदमपुरा की प्रबंध समिति
के तत्वावधान में पंच कल्याणक होगा। सुचारू कार्य व्यवस्था के लिए श्री पदमपुरा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति का गठन किया गया है।
समितियों में इन समाजजनों को दी जिम्मेदारी
पदमपुरा पंचकल्याणक महोत्सव के लिए सुधीर जैन को समारोह अध्यक्ष, हेमंत सोगानी को महामंत्री, राजकुमार कोठारी को संयोजक,न्यायाधिपति नरेंद्र जैन को स्वागत समिति,मंदिर निर्माण समिति में राजकुमार कोठारी, साधुओं की आहार व्यवस्था समिति में महावीर प्रसाद पाटनी, सुरेश सबलावत को प्रचार-प्रसार एवं प्रकाशन समिति का संयोजक बनाया गया है। सुरेश सबलावत प्रचार-प्रसार संयोजक ने बताया कि इसकेअतिरिक्त वित्त, कलश आबंटन, वित्तीय प्रबंधन लेखा, पांडाल, आवास, मंदिर, भोजन , जल,विद्युत, सुरक्षा, भंडार ,पूजन निर्माण,चिकित्सा ,सांस्कृतिक कार्यक्रम , यातायात, पार्किंग, कार्यालय,जुलूस, प्रदर्शनी इन्द्र व्यवस्था, मंच माइक संचार व्यवस्था सहित अनेक समिति गठित कर उनके सदस्य मनोनीत किए गए हैं।
महोत्सव के लिए पात्रों का चयन किया
मंदिर समिति के राजकुमार कोठारी ने बताया कि श्री पदमप्रभ भगवान की खड़गासन प्रतिमा के पास नवनिर्मित 24 तीर्थंकरों की चौबीसी, नूतन शिखर का निर्माण हो चुका है। आचार्य श्री वर्धमानसागर जी (32 पिच्छी)के प्रमुख निर्देशन में गणिनी आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माताजी( 5 पिच्छी) एवं अन्य संघ सानिध्य में संहितासुरी पंडित हंसमुख शास्त्री धरियावद द्वारा धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। नव निर्मित शिखर पर कलश एवं ध्वजा आरोहण भामाशाह अशोक सुशीला पाटनी, सुरेश, शांता, विमल तारिका पाटनी आरके मार्बल ग्रुप किशनगढ़ द्वारा किया जाएगा। पंच कल्याणक के लिए महावीर शशि पहाड़िया को माता-पिता, सुरेंद्र जैन पांड्या मृदुला जैन सौधर्म इंद्र, पारस पूजा पाटनी कुबेर इंद्र सहित अनेक पात्रों का चयन हो गया है।













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