जरूरतमंदों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है और ऐसे सेवा कार्य समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं। यह बात बुधवार को एसडीओपी रवि भदौरिया ने स्वर्गीय गोलू अग्रवाल की स्मृति में आयोजित वस्त्रदान एवं फल वितरण कार्यक्रम में कही। अंबाह से पढ़िए, यह खबर…
अंबाह। जरूरतमंदों की सेवा करना सबसे बड़ा पुण्य है और ऐसे सेवा कार्य समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं। यह बात बुधवार को एसडीओपी रवि भदौरिया ने स्वर्गीय गोलू अग्रवाल की स्मृति में आयोजित वस्त्रदान एवं फल वितरण कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें उस समय नम हो गईं, जब 12 वर्ष पूर्व फिरौती के लिए अपहृत कर हत्या किए गए मासूम गोलू की यादें एक बार फिर जीवंत हो उठीं। ज्ञात रहे कि शहर की वरिष्ठ समाजसेवी मनीषा अग्रवाल और गोपाल अग्रवाल के इकलौते पुत्र गोलू की निर्मम हत्या ने पूरे अंबाह नगर को झकझोर कर रख दिया था। बेटे को खोने का वह असहनीय दर्द आज भी माता-पिता के दिल में है, लेकिन उन्होंने इस पीड़ा को नफरत या निराशा में बदलने के बजाय सेवा और संवेदना का माध्यम बना लिया है तभी से हर वर्ष गोलू की स्मृति में ईंट-भट्टों, गरीब बस्तियों और जरूरतमंद इलाकों में जाकर बच्चों एवं निर्धन परिवारों को गर्म वस्त्र और फल वितरित किए जाते हैं। इस सेवा कार्यक्रम के तहत जब ठंड से कांपते बच्चों को गर्म कपड़े पहनाए गए और उनके हाथों में फल दिए गए तो उनके चेहरों पर आई मुस्कान ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया। ऐसा लग रहा था मानो गोलू की मासूम मुस्कान उन बच्चों के चेहरों में फिर से लौट आई हो। कई अभिभावकों ने भावुक होकर कहा कि इस ठंड में बच्चों को गर्म कपड़े मिल जाना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
संतान को खोना सबसे बड़ा दुःख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीओपी रवि भदौरिया ने कहा कि अग्रवाल परिवार द्वारा लगातार वर्षों से किया जा रहा यह सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि किसी भी माता-पिता के लिए संतान को खोना सबसे बड़ा दुःख होता है, लेकिन उस दुःख को समाजसेवा में बदल देना असाधारण साहस और संवेदनशीलता का परिचायक है।
सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण
इस अवसर पर विधायक देवेंद्र सखवार ने कहा कि आज भी समाज में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त कपड़े तक नहीं दिला पाते। ऐसे में गोलू की स्मृति में किया जा रहा यह वस्त्रदान न केवल जरूरतमंदों की मदद है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मानवता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
सच्ची श्रद्धांजलि वही जो दूसरों के जीवन में मुस्कान लाए
पूर्व विधायक सत्य प्रकाश सखवार ने कहा कि देश में गरीबी आज भी एक बड़ी सच्चाई है। किसी गरीब बच्चे को ठंड के मौसम में गर्म कपड़े मिल जाएं तो इससे बड़ा पुण्य कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अग्रवाल परिवार ने अपने निजी दुःख को समाज की सेवा में बदलकर यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो दूसरों के जीवन में राहत और मुस्कान लाए।
गोलू की स्मृति में यह सेवा कार्य निरंतर जारी रहेगा
कार्यक्रम में गोलू की मां मनीषा अग्रवाल कई बार भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि बेटे की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन जब किसी जरूरतमंद बच्चे के चेहरे पर मुस्कान देखती हूं, तो लगता है कि गोलू आज भी हमारे बीच कहीं न कहीं मौजूद है। पिता गोपाल अग्रवाल ने कहा कि वे जब तक जीवित हैं, गोलू की स्मृति में यह सेवा कार्य निरंतर जारी रखेंगे।
इन समाजजनों ने उपस्थित रह सेवा कार्य सराहा
इस सेवा आयोजन में मदन मोहन शर्मा, बच्चूलाल गुप्ता, भाजपा अध्यक्ष सचिन गुप्ता, विजय गुप्ता, साधू सिंह राठौर, अजय जैन, महेंद्र सखबार, प्रदीप शर्मा हंडा, बालकृष्ण शर्मा, प्रदीप शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एकमत से कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में संवेदनशीलता, करुणा और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।
बच्चों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान रही
कार्यक्रम के अंत में जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान साफ दिखाई दे रही थी। गोलू अग्रवाल की स्मृति में किया गया यह आयोजन न केवल एक मासूम की यादों को जीवंत कर गया, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि दर्द चाहे कितना ही बड़ा क्यों न हो, यदि उसे सेवा में बदल दिया जाए तो वह समाज के लिए उम्मीद की रोशनी बन सकता है।













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