खातेगांव में विराजमान मुनि श्री साध्य सागर जी का 38 वां अवतरण दिवस बड़ी भक्ति भाव से मनाया गया। भक्तों ने प्रातः कालीन बेला में मुनि श्री के चरणों का प्रक्षालन किया। खातेगांव के समग्र समाज ने श्री जी का अभिषेक मुनि श्री के पाद प्रक्षालन शास्त्र भेंट कर सामूहिक पूजन किया और विनयांजलि सभा आयोजित की। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…
सनावद। साधु नहीं ये चलते फिरते तीर्थ समान हैं। इन पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए नगर में मंगल चातुर्मास कर नेमावर के दर्शन कर खातेगांव में विराजमान मुनि श्री साध्य सागर जी का 38 वां अवतरण दिवस बड़ी भक्ति भाव से मनाया गया। सन्मति जैन काका ने बताया कि तप साधना एवं संयम की नगरी सनावद में ऐतिहासिक मंगल चातुर्मास करने वाले मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज का 38 वां अवतरण दिवस सनावद जैन समाज के भक्तों ने खातेगांव के मुनि सुव्रतनाथ जी दिगंबर जैन मंदिर में पहुंचकर भक्ति भाव से मनाया। नगर के भक्तों ने प्रातः कालीन बेला में मुनि श्री के चरणों का प्रक्षालन किया। खातेगांव के समग्र समाज ने श्री जी का अभिषेक मुनि श्री के पाद प्रक्षालन शास्त्र भेंट कर सामूहिक पूजन किया और विनयांजलि सभा आयोजित की।
जब मन में उपद्रव होता है तब त्याग नहीं होता
मुनि श्री साध्य सागर जी ने कहा कि हे! चैतन्य आत्मा एक जन्म तुम्हें संसारी मां ने दिया और एक जन्म चैतन्य आत्मा तुम्हें आचार्य विशुद्ध सागर जी ने दिया। जब मन में उपद्रव होता है तब त्याग नहीं होता है और जब त्याग होता है तब मन में उपद्रव नहीं होता है। ऐसा ही हमारा मन हुआ। जब हम छोटे थे तो जैन धर्म को समझ नहीं पाए और जब बड़े हुए तो आज जैनेश्वरी दीक्षा पाकर अपना मोक्ष का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है मुनि श्री का जन्म 3 दिसंबर 1987 की उज्जैन में हुआ था। आप के पिता का नाम जयकुमार एवं माता का नाम राजुल देवी था। आप का दीक्षा के पूर्व का नाम शिवम था।
यह समाजजन मौजूद थे
इस अवसर पर हेमंत काका, मयंक धनोते, निमिष जैन, परीन जैन, प्रतीक जैन, राकेश जैन, शेलू जैन, चिराग लश्करे प्रियंका पंचोलिया, प्रज्ञा धनोते, रीना जैन, खुशबू जैन, वर्षा जैन, अंशिता जैन, गवाक्षी जैन उपस्थित थे ।













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