समाचार

कुलाधिपति श्री सुरेश जैन को फिर मिला अयोध्या का न्योता : रामलला के शिखर पर होंगे ध्वजारोहण के साक्षी


तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र-ट्रस्ट द्वारा 25 नवंबर को होने वाले भव्य ध्वजारोहण समारोह में आमंत्रित किया गया है। उनके साथ जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन भी शामिल होंगे। श्रीफल साथी श्याम सुंदर भाटिया की रिपोर्ट 


अयोध्या बुलाए तो समझिए सौभाग्य मुस्कुरा रहा है… राम की पुकार कभी संयोग नहीं होती। 

मुरादाबाद। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र-ट्रस्ट ने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कुलाधिपति श्री सुरेश जैन को एक बार फिर अयोध्या आमंत्रित किया है। 25 नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर होने वाले ध्वजारोहण समारोह में वे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।जीवीसी और ईडी भी होंगे साथ

ट्रस्ट के महासचिव श्री चंपतराय द्वारा भेजे गए आधिकारिक आमंत्रण में जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन को भी आमंत्रित किया गया है। कुलाधिपति श्री जैन ने कहा — “यह हमारे लिए अपार सौभाग्य है… प्रभु श्रीराम ने हमें फिर अयोध्या बुलाया है।

”समारोह की गाइडलाइंस तय

आमंत्रण पत्र के अनुसार — प्रातः 08 बजे राम पथ — बिरला धर्मशाला के सामने — रामानन्दाचार्य द्वार से प्रवेश इसके बाद वरिष्ठ अतिथि श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होंगे।

प्राण प्रतिष्ठा की यादें फिर होंगी ताज़ा

यह वही गणमान्य अतिथि मंडल है जो 22 जनवरी 2024 को श्रीरामलला के ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी शामिल हुआ था। उस अवसर पर देशभर की बड़ी हस्तियाँ — मुकेश अंबानी, अमिताभ बच्चन सहित कई संत-महात्मा और उद्योगपति उपस्थित थे।

टीएमयू की स्मारिका बनी थी चर्चा का केंद्र

प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान टीएमयू द्वारा प्रकाशित “सबके राम — शब्दोपासना स्मारिका” को भी व्यापक सराहना मिली थी। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन और जीवीसी श्री मनीष जैन ने इसे प्रभु श्रीराम के चरणों में समर्पित किया था।

पहली बार होंगे साक्षी

एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन पहली बार श्रीरामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचेंगे — यह क्षण उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और ऐतिहासिक माना जा रहा है।

राम जिनको बुला लें, उनके जीवन में फिर क्या कमी रह जाती है… अयोध्या सिर्फ तीर्थ नहीं — मिलने का सौभाग्य है,मिलने वाले से!

 

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page