आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मतिसागर जी की पावन स्मृति में 23 नवंबर रविवार को विश्व प्रसिद्ध त्रिलोकतीर्थ धाम बड़ागांव बागपत, उप्र में उनकी गुरुमूर्ति स्थापना एवं जन्म जयंती संस्कार दिवस महोत्सव का आयोजन ऐतिहासिक अध्यात्म पर्व के रूप में किया जाएगा। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
अंबाह। अंबाह की पावन भूमि, जिसने अनेक संतों को जन्म दिया। उसी भूमि के वरवाई गांव के गौरव, समाधिस्थ संत राष्ट्रऋषि, सिंहस्थ प्रवर्तक, पंचम पट्टाचार्य आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मतिसागर जी की पावन स्मृति में 23 नवंबर रविवार को विश्व प्रसिद्ध त्रिलोकतीर्थ धाम बड़ागांव बागपत, उप्र में उनकी गुरुमूर्ति स्थापना एवं जन्म जयंती संस्कार दिवस महोत्सव का आयोजन ऐतिहासिक अध्यात्म पर्व के रूप में किया जाएगा।
समाजसेवी महेंद्र जैन ने बताया कि यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वह क्षण होगा, जब भक्ति की भावनाएं, साधना की सुगंध और सेवा का संकल्प एक साथ गूंजेंगे। यह आयोजन धर्म, संयम और समर्पण की अद्भुत मिसाल बनकर युगों तक स्मरणीय रहेगा। महोत्सव में स्याद्वाद जैन अकादमी में गुरुदेव की गुरु मूर्ति स्थापना, समाधिस्थ साधु-संतों के चरण प्रतिष्ठा समारोह और अन्नपूर्णा भोजनशाला भवन का शिलान्यास जैसे पवित्र आयोजन होंगे।
इनका मिलेगा पावन सान्निध्य
इस समूचे आयोजन का पावन निर्देशन गणिनी आर्यिका श्री दृष्टिभूषण माताजी के करकमलों से हो रहा है। इस भव्य पर्व में गणिनी आर्यिका श्री चंद्रमती माताजी, गणिनी आर्यिका श्री मुक्तिभूषण माताजी, ऐलाचार्य श्री त्रिलोकभूषण जी महाराज, गणिनी आर्यिका श्री दृष्टिभूषण माताजी एवं गणिनी आर्यिका श्री अनुभूतिषण माताजी अपने दिव्य सान्निध्य से धर्म और संयम की दीपशिखा प्रज्वलित करेंगी। उनके प्रवचन श्रद्धालुओं के अंतर्मन में साधना और शांति का आलोक फैलाएंगे।
यह होंगे अतिथि और इनका रहेगा सहयोग
इस विराट आयोजन के मुख्य अतिथि आशीष अग्रवाल (मीडिया प्रभारी, भाजपा मध्यप्रदेश) रहेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेंद्रप्रसाद जैन, महामंत्री गजराज जैन गंगवाल, संयुक्त महामंत्री महेंद्रकुमार जैन, कोषाध्यक्ष प्रवीणकुमार जैन और सहयोगी केसी जैन इस आयोजन को पूर्ण श्रद्धा और समर्पण से संपन्न कराने में जुटे हैं।
इन स्थानों से आएंगे समाजजन श्रद्धालु
इस अवसर पर अंबाह, पोरसा, मुरैना, ग्वालियर, दिल्ली, आगरा सहित अनेक नगरों से हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। त्रिलोकतीर्थ धाम इन पावन क्षणों में भक्ति, भजन और मंगल ध्वनियों से गूंज उठेगा। श्रद्धालुओं के आगमन, आवास, भोजन और दर्शन की संपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि प्रत्येक सहभागी भक्ति का पूर्ण आनंद प्राप्त कर सके। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किया है कि वे समय पर पहुंचकर गुरुदेव की पावन स्मृति को नमन करें और इस दिव्य पर्व का हिस्सा बनें।













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