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मृत्यु की सच्चाई को जानना ही वैराग्य का प्रथम सोपान: आचार्यश्री प्रज्ञासागर जी का प्रज्ञा अनुपम चातुर्मास का हुआ मंगल कलश स्थापना 


रयणसार की 53वीं गाथा के आधार पर रविवार को आयोजित प्रवचन में आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने कहा कि सम्यक दृष्टि और मिथ्या दृष्टि दोनों को समान 24 घंटे मिलते हैं, किंतु अंतर इस बात में है कि कौन अपने समय का उपयोग कैसे करता है। कोटा से पढ़िए, यह खबर…


कोटा। रयणसार की 53वीं गाथा के आधार पर रविवार को आयोजित प्रवचन में आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी ने कहा कि सम्यक दृष्टि और मिथ्या दृष्टि दोनों को समान 24 घंटे मिलते हैं, किंतु अंतर इस बात में है कि कौन अपने समय का उपयोग कैसे करता है। सूर्य का उदय और अस्त सबके लिए समान हैं, किंतु सम्यक दृष्टि वाला व्यक्ति संसार में रहते हुए भी आत्मज्ञान और मोक्ष की ओर अग्रसर होता है, जबकि मिथ्या दृष्टि आकांक्षा, कलह और दुर्भावना में समय नष्ट कर देता है। आचार्य श्री ने कहा कि मृत्यु हर क्षण समीप आ रही है। इसे जो देख लेता है वही वैरागी है और जो नहीं देख पाता, वही अनुरागी है। उन्होंने कहा, ‘मनुष्य अनेक बार दूसरों की मृत्यु देखता है, परंतु उससे जीवन की सच्चाई नहीं सीखता। यह निश्चित है कि एक दिन हमारा नंबर भी आएगा। मृत्यु शाश्वत है, और उसका स्मरण ही आत्म जागृति का कारण बनता है।’ इस अवसर पर मंदिर समिति अध्यक्ष पवन ठौला एवं महामंत्री पारस लुंग्या ने बताया कि प्रवचन के पश्चात प्रज्ञा अनुपम चातुर्मास-2025 के आशीर्वाद मंगल कलश की स्थापना महावीर नगर विस्तार योजना स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में की गई। कलश स्थापना का सौभाग्य रमेशचंद, नवीनकुमार, अनिलकुमार जैन मस्त दौराया परिवार को प्राप्त हुआ। दीप प्रज्वलन एवं शास्त्र भेंट नरेंद्र, मुकेश, प्रदीप खटोड परिवार ने किया।

स्थापना विधि मंत्रोच्चारण, श्रद्धा और पवित्रता के साथ हुई

गुरु आस्था चेयरमेन यतिश जैन खेडावाला ने बताया कि यह स्थापना विधि मंत्रोच्चारण, श्रद्धा और पवित्रता के साथ हुई। जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। आचार्य श्री ने कहा कि आशीर्वाद मंगल कलश केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि कल्पवृक्ष की भांति फल देने वाला, आत्मशुद्धि और जीवन उत्थान का प्रतीक है।

आचार्यश्री का मंगल प्रवेश हुआ 

11 नवंबर को महावीर विस्तार योजना दिगंबर जैन मंदिर से प्रातः 7.30 बजे मंगल विहार करके आचार्यश्री का आरके पुरम स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगंबर जैन मंदिर (त्रिकाल चौबीसी) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। आरके पुरम मंदिर समिति के अध्यक्ष अंकित जैन ने बताया कि सिंहद्वार का शिलान्यास 12 नवंबर को मंदिर परिसर में प्रातः 8 बजे आचार्यश्री के कर-कमलों एवं ससंघ सान्निध्य में होगा।

कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित 

इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन ठौला, महामंत्री पारस लुंग्या, सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज, जेके जैन, विमल वर्धमान, महामंत्री पदम बडला, मनोज जैसवाल, अनिल ठोरा, उपाध्यक्ष मुकेश कोटिया, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश जैन, अनुराग टोंग्या, निर्मल सेठी, मुकेश खटोंड, राहुल ऐरन पारस जैन ष्पार्श्वमणिष् पत्रकार सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। धर्मसभा के बाद मां जिनवाणी को सिर पर रखकर महावीर नगर विस्तार योजना जैन मंदिर तक लाने का सौभाग्य पारस जैन पार्श्वमणि पत्रकार आरके पुरम को मिला।

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