चिचोली के इतिहास में प्रथम बार आर्यिका विरम्या श्री विसंयोजना श्री माता जी ससंघ के सानिध्य में आचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज की प्रतिमा श्री दिगम्बर जैन पार्श्वनाथ मंदिर में बड़े ही धूम-धाम से भव्य जुलूस के साथ पहुँची। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर….
सनावद। चिचोली के इतिहास में प्रथम बार आर्यिका श्रमणी आर्यिका विरम्या श्री विसंयोजना श्री माता जी ससंघ के सानिध्य में आचार्य श्री विराग सागर जी महामुनिराज की प्रतिमा श्री दिगम्बर जैन पार्श्वनाथ मंदिर में बड़े ही धूम-धाम से भव्य जुलूस के साथ पहुँची। प्रतिमा प्रतिष्ठित पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज द्वारा विरागोदय तीर्थ में हुई।
चिचौली मंदिर में 24 से 27 अक्टूबर तक चार दिवसीय भव्य मंगल आयोजन होने वाला है। जिसमें 24 को भव्य विराग गुरु प्रतिमा की अगवानी, 25 को गणधर वलय विधान तथा 26 को प्रतिमा वेदी पर विराजमान की जाएगी तथा 27 अक्टूबर को आर्यिका माता जी का पिच्छिका परिवर्त समाज की उपस्थिति में बड़े ही सुंदर तरीके से की जाएगी।













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