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धर्म हमें सरलता और सहजता सिखाता है : मुनि सारस्वत सागर जी महाराज ने धर्म को श्रेष्ठ बताया


मुनि श्री सारस्वत सागर महाराज जी ने नांद्रे में अपने प्रवचन में कहा कि – धर्म हमें सरलता और सहजता सिखाता है। जितना हम सरल रहते हैं, लोग हमें गुलाब के पुष्प के समान चाहते हैं। नांद्रे से पढ़िए, यह खबर…


नांद्रे। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनि श्री जयंत सागर जी महाराज, मुनि श्री सिद्ध सागर जी महाराज और क्षुल्लक श्री श्रुतसागर जी महाराज भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान हैं। मुनि श्री सारस्वत सागर महाराज जी ने नांद्रे में अपने प्रवचन में कहा कि – धर्म हमें सरलता और सहजता सिखाता है।

जितना हम सरल रहते हैं, लोग हमें गुलाब के पुष्प के समान चाहते हैं। गुलाब के पुष्प को लोग देखना, सूँघना और अपने पास रखना पसंद करते हैं, उससे दूरी बनाना नहीं चाहते हैं, ऐसी ही सरल स्वभावी धर्मात्मा जीव को लोग देखना और उसके साथ रहना पसंद करते हैं। संसार में यदि सबसे बड़ा सुख है तो लोगों के द्वारा आपको चाहना है।

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