सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के आशीर्वाद से पर्वराज दशलक्षण महापर्व के नवम दिवस पर ‘उत्तम आकिंचन्य धर्म’ का आयोजन हुआ। पूजन-अभिषेक, नवग्रह विधान और प्रवचन के माध्यम से परिग्रह त्याग की महिमा का संदेश दिया गया। पढ़िए राजीव सिंघई की पूरी रिपोर्ट…
कुण्डलपुर। सुप्रसिद्ध सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में युगशिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रभावक शिष्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से पर्वराज दशलक्षण महापर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। प्रातःकाल बड़े बाबा मंदिर में भक्तामर महामंडल विधान, अभिषेक, शांतिधारा, रिद्धिकलश और पूजन का आयोजन हुआ। विद्याभवन में नवग्रह विधान भक्ति भाव से सम्पन्न हुआ, जिसमें प्रबंधक मोतीलाल जैन, ब्र. ताराचंद जैन, राहुल जैन, शुभम जैन, प्रशुक जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इन श्रद्धालुओं को मिला अभिषेक-पूजन का सौभाग्य
नम दिवस पर उत्तम आकिंचन्य धर्म के अवसर पर जिनेंद्र कुमार नरेंद्र ज्ञानचंद जैन (दमोह), शरद अमरीश सचिन जैन (जबलपुर), कपिल बजाज (जैसीनगर), आशीष जैन, संजय दिलांश जैन (भोपाल), संयम उदयकुमार पाटिल (सदलगा कर्नाटक) समेत अनेक श्रद्धालुओं को अभिषेक-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। दोपहर में विद्याभवन में विधानकर्ता परिवारों ने सामूहिक विधान में सहभागिता की। सायंकाल में ब्रह्मचारिणी हेमा दीदी (कर्नाटक) ने प्रवचन देते हुए कहा कि परिग्रह का त्याग ही सच्चा आकिंचन्य धर्म है। इसके उपरांत बड़े बाबा मंदिर में भक्तामर दीप अर्चना और संगीतमय महाआरती सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया।













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