परिवहननगर में शुक्रवार को अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागर जी महाराज के सानिध्य में पर्युषण पर्व के दूसरे दिन मार्दव धर्म पर कार्यक्रम हुए। सुबह भगवान का अभिषेक, शांतिधारा की गई। मुनिश्री के प्रवचन हुए। साथ ही तत्वार्थ सूत्र की क्लास लगाई गई। भगवान का संगीतमय पूजन किया गया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज का वर्षायोग इन दिनों परिवहन नगर में चल रहा है। यहां मुनिश्री के सानिध्य में नित्य अभिषेक, शांतिधारा, पूजन आदि विधान किए जा रहे हैं। पर्वाधिराज पर्युषण के अवसर पर दूसरे दिन मार्दव धर्म का महत्व बताते हुए अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने कहा कि मार्दव धर्म का अर्थ है-विनम्रता। मीठे वचन, झुकी हुई दृष्टि और उपकार का भाव ही सच्ची मार्दवता है। यह डर, लोभ या कमजोरी से नहीं, बल्कि सामर्थ्य होने पर भी नम्र बने रहने से प्रकट होती है। अहंकार चाहे कितना भी गुणी और शक्तिशाली व्यक्ति हो, उसे पतन की ओर ले जाता है। रावण इसका उदाहरण है-ज्ञान, शक्ति और संपन्नता होते हुए भी अहंकार ने उसे नरक का अधिकारी बना दिया। मार्दव हमें सिखाता है कि अपने भीतर के लोभ, ईर्ष्या और क्रोध रूपी रावण को जलाकर, प्रेम, सहयोग और स्नेह रूपी राम को स्थान दें। यही धर्म आत्मा को निर्मल और मोक्ष मार्ग के योग्य बनाता है।
मुख्य इंद्र ने किया अभिषेक पूजन
परिवहन नगर में पर्युषण पर्व पर शुक्रवार को सुबह 7 बजे अभिषेक और शांतिधारा की गई। सुबह 8 बजे से संगीतमय पूजन किया गया। इसके बाद सुबह 9 से 10 बजे प्रवचन हुए। प्रवचन के बाद मुनिश्री की आहारचर्या हुई। आज के अभिषेक, शांतिधारा के पुण्यार्जक मुख्य इंद्र श्रेष्ठी दिपाली जैन और शैलेंद्र निधि जैन, हर्ष शानल दर्श जैन, शैलेंद्र निधि, टीशा अन्नू जैन रहे। इन्होंने अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन और मुनिश्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त किया। जैनम जैन की ओर से संगीतमय पूजन करवाया गया।
तत्वार्थ सूत्र की कक्षा में बताया ज्ञान और धर्म का मर्म
अपरान्ह 3 से शाम 4 बजे तक अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने तत्वार्थ सूत्र की कक्षा को संबोधित किया। इसमें ज्ञान और धर्म के मर्म को समझाया गया। शाम को 6 बजे से प्रतिक्रमण और सामयिक के साथ ध्यान हुआ। परिवहन नगर के श्रेष्ठी जैन ने बताया कि शाम को 7.30 से 8.30 बजे तक आरती-भक्ति हुई। रात 8 बजे से उत्तम मार्दव धर्म पर मुनिश्री के प्रवचन हुए। रात साढ़े 9 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इसमें एक मिनट गेम शो में सभी समाजबंधुओं ने सहभागिता की। साथ ही जैनम जैन ने संगीतमय आरती करवाई। श्रेष्ठी जैन ने बताया कि प्रतिदिन इसी तरह के कार्यक्रम यहां आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें समाजजन बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।













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