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अविवाहित प्रप्र समूह का राष्ट्रीय अधिवेशन 17 अगस्त को: गोलाकोट में 16 को तीर्थ वंदना एवं 17 को अधिवेशन 


अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र गोलाकोट में तीर्थ वंदना के साथ 16 एवं 17 अगस्त को होगा। इस अधिवेशन में विवाह योग्य सजातीय बच्चों के सगाई संबंधों पर विशेष रूप से विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही विवाह योग्य बच्चों के संपूर्ण परिचय एवं फोटो सहित बहुरंगीन परिचय पुस्तिका के प्रकाशन पर भी चर्चा की जाएगी। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र गोलाकोट में तीर्थ वंदना के साथ 16 एवं 17 अगस्त को होगा। श्री दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की संस्था अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह के राष्ट्रीय संयोजक अजय जैन शिवपुरी एवं रविन्द्र जैन (जमूसर वाले) भोपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि एपीपीएस का दो दिवसीय तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन तीर्थ वंदना के साथ श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र गोलाकोट (खनियाधाना) में 16 एवं 17 अगस्त होगा। इस अधिवेशन में विवाह योग्य सजातीय बच्चों के सगाई संबंधों पर विशेष रूप से विचार विमर्श किया जाएगा।

साथ ही विवाह योग्य बच्चों के संपूर्ण परिचय एवं फोटो सहित बहुरंगीन परिचय पुस्तिका के प्रकाशन पर भी चर्चा की जाएगी। एपीपीएस के राष्ट्रीय संयोजक अनिल जैन मकराना एवं परिणय एप के एडमिन रूपेश जैन उत्तम नगर दिल्ली ने बताया कि जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के बच्चों के विवाह संबंधों में जैसवाल जैन परिणय एप की अहम भूमिका रहती है। परिणय एप में समाज बंधु अपने पसंद के वर एवं कन्या का चयन आसानी से कर सकते हैं। परिणय एप को एक नई साजसज्जा के साथ प्रस्तुत करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

अधिवेशन के प्रथम दिन शनिवार 16 अगस्त को एपीपीएस के सभी पधारे हुए अतिथियों को आसपास के सभी जैन तीर्थों की वंदना कराई जाएगी। द्वितीय दिन रविवार 17 अगस्त को अतिशय क्षेत्र गोलाकोट में अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, भक्तामर विधानादि के पश्चात अधिवेशन का शुभारंभ होगा। अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज नायक ने बताया कि इस राष्ट्रीय अधिवेशन में संपूर्ण भारतवर्ष से एपीपीएस के सैकड़ों प्रतिनिधि सपत्निक सम्मिलित होंगे। लगभग 200 आगंतुक सभी संस्थागत अतिथियों के तीर्थ वंदना हेतु वाहनों, आवास, भोजनादि की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। देश की विभिन्न शैलियों से लगभग 200 प्रतिनिधियों के अधिवेशन में सम्मिलित होने की संभावना है ।

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