आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ 36 पिच्छियों सहित पारसोला की धरा पर 57वां चतुर्मास कर 7 जुलाई को टोंक पहुंचेंगे। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 55 वर्षों बाद चातुर्मास करने के लिए टोंक में आ रहे हैं। टोंक से पढ़िए, यह खबर…
टोंक। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ 36 पिच्छियों सहित पारसोला की धरा पर 57वां चतुर्मास कर 7 जुलाई को टोंक पहुंचेंगे। समाज के पवन कंटान व विकास जागीरदार ने बताया कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 55 वर्षों बाद चातुर्मास करने के लिए टोंक में आ रहे हैं। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का यह 57वां चातुर्मास होगा।
36 पिच्छिका का है इनके संघ में
इनमें आचार्य श्री, 10 मुनिराज, 22 आर्यिका, 1 एलक और 2 क्षुल्लक हैं। बुधवार को आचार्य श्री ससंघ आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का मंगल विहार टोंक जिले में चातुर्मास के लिए चल रहा है। गुरुवार को आचार्य श्री ससंघ शारदा विद्या मंदिर बंथली से विहार कर वेयर हाउस जूनिया मोड पहुंचे जहां पर रात्रि विश्राम हुआ। 4 जुलाई को प्रातः 5.7 किलोमीटर विहार कर महात्मा गांधी पब्लिक स्कूल नयागांव पहुंचे। जहां पर आचार्य ससंघ की आहार चर्या हुई। आचार्य श्री ने बताया कि इसी कारण श्रावक को सभी वक्ता की वाणी को सुनकर अपने विवेक को जागृत कर जीवन में पालन करना चाहिए। श्रोता पर धर्म की बातें सुनने का काफी प्रभाव होता है श्रोता को देखकर, सुनकर, पढ़कर, इसका अनुकरण करना चाहिए क्योंकि सुनना भी एक कला है। श्रावक श्रोता को भक्तिवान, अहंकार रहित, श्रवण के प्रति रुचि एवं चिंतक मननशील होना चाहिए।
यह रहे कार्यक्रम में मौजूद
इस मौके पर सोनू पासरोटियां, पुनीत जागीरदार, किन्नी शिवाड़िया, सुनील सराफ, नीटू छामुनिया, गोलू छामुनिया, अर्पित पासरोटियां, राहुल पासरोटियां, मनीष अतार, नरेंद्र दाखिया, पारस बहड़, सुमित दाखिया, आशु दाखिया, लोकेश कल्ली, अम्मू छामुनिया, उमेश संघी, मुकेश दतवास, नवीन कुरेड़ा, वीरेंद्र संघी, अंशुल बोरदा, सुनील आंडरा, राजेश बोरदा, आकाश बोरदा, ऋषभ नमक, ओम ककोड़, कमल सर्राफ आदि मौजूद रहे।













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