जैन धर्मप्रेमी समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि आर्यिका श्री आर्षमति माता जी ससंघ का ज्ञानार्ष अमृत वर्षायोग 2025 का दिव्य आयोजन श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी बडौत में सानंद होगा। यह पुण्यप्रद क्षण बडौत जैन समाज के लिए न केवल गर्व का विषय है, अपितु संपूर्ण ज्ञानार्ष भक्त परिवार के लिए श्रद्धा और साधना का अमूल्य अवसर भी है। बड़ौत से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…
बडौत। जैन धर्मप्रेमी समाज के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि आर्यिका श्री आर्षमति माता जी ससंघ का ज्ञानार्ष अमृत वर्षायोग 2025 का दिव्य आयोजन श्री 1008 अजितनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर मंडी बडौत में सानंद होगा। यह पुण्यप्रद क्षण बडौत जैन समाज के लिए न केवल गर्व का विषय है, अपितु संपूर्ण ज्ञानार्ष भक्त परिवार के लिए श्रद्धा और साधना का अमूल्य अवसर भी है। ज्ञात रहे कि गुरु मां श्री आर्षमति माता जी, आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज की अंतिम दीक्षित शिष्या हैं। वे आज की युवा पीढ़ी के लिए त्याग, तपस्या, समर्पण और वात्सल्य की जीवंत मूर्ति हैं। उनका ससंघ पदार्पण बडौत नगर में होने से नगर की पुण्यभूमि अत्यंत पावन और दिव्य हो उठेगी।
समाजजनों ने की अनुमोदना
इस मंगल अवसर पर अखिल भारतीय ज्ञानार्ष भक्त परिवार एवं ज्ञानार्ष भक्त सेवा समिति (रजि.) ने अनुमोदना करते हुए कहा कि यह आयोजन समाज की अध्यात्मिक चेतना को जागृत करने वाला तथा संयम पथ पर अग्रसर होने का अनुपम माध्यम होगा। गुरु मां का सानिध्य प्राप्त होना पूर्व जन्मों के पुण्य का प्रतिफल है। गौरतलब है कि ज्ञानार्ष अमृत वर्षायोग जैन परंपरा में एक विशेष महत्व रखता है।
श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर को आकर्षक सजाया जाएगा
यह आयोजन तप, स्वाध्याय, प्रवचन, ध्यान, संयम और धर्म आराधना से ओतप्रोत रहता है। ससंघ आर्यिका संघ के साथ गुरु मां के प्रवचनों, चिंतन-सत्रों एवं भक्ति कार्यों से नगर का वातावरण धर्ममय हो उठेगा। इस महाअवसर के लिए श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला की जाएगी। गणाचार्य परंपरा की प्रतिष्ठा और जैन संस्कृति की दिव्यता को अनुभव कराने वाले इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों से सहभागिता की अपील की गई है। अखिल भारतीय ज्ञानार्ष भक्त परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे इस धर्म प्रभावना और पुण्यार्जन के अवसर पर सपरिवार सहभागी बनें और गुरु मां श्री 105 आर्षमति माता जी का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन को सार्थक करें। साथ ही गुरु मां का आशीर्वाद समस्त समाज को संयम, साधना और समरसता की ओर ले जाए। यही कामना है।













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