ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को संस्कारवान बनाने एवं अपनी संस्कृति से परिचित कराने के लिए 10 दिवसीय संस्कार शिविर बड़े जैन मंदिर में लगाए गए। समाज के श्रेष्ठी वर्ग द्वारा सभी उत्कृष्ट शिविरार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों को संस्कारवान बनाने एवं अपनी संस्कृति से परिचित कराने के लिए 10 दिवसीय संस्कार शिविरों का आयोजन बड़े जैन मंदिर में किया गया था। कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्य अतिथि राजेंद्र भंडारी और उद्योगपति पवन जैन, मंदिर के अध्यक्ष प्राचार्य अनिल जैन, मंत्री विनोद जैन, प्रेमचंद जैन वंदना साड़ी ने मंचासीन मुनिराजों का पाद प्रक्षालन किया। सभी लोगों ने संयुक्त रूप से आचार्यश्री के चित्र का अनावरण कर दीप प्रज्वलित किया। संचालन प्राचार्य वीरेंद्र जैन बाबा एवं अनूप भंडारी द्वारा किया गया। संस्कार शिविरों के क्षेत्रीय प्रभारी विद्वत् नवनीत जैन शास्त्री मुरैना, आशीष जैन शास्त्री ‘मबई’ ने बताया कि मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं मुनिश्री विलोकसागर और मुनिश्री विबोध सागर महाराज के पावन सान्निध्य में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर के तत्वावधान में 25 मई से 3 जून तक बड़े जैन मंदिर में संस्कार शिक्षण शिविर लगाया गया था । जिसके आज परिणाम घोषित किए गए।
शिविर में बालबोध भाग- 2 में प्रबल आशीष जैन, आस्था मनीष जैन, अनुपम अनूप जैन, छहढाला में अमिता विपिन कुमार जैन, प्रीति विवेक जैन, एकता वनवारी जैन, तत्वार्थसूत्र में अल्पना रवि जैन, श्रेयांश वनवारीलाल जैन, दीक्षा नरेश जैन टिल्लू, भक्तामर में साक्षी नरेश जैन टिल्लू, शिल्पी जैन आशीष जैन, प्रिंसी हर्षित जैन, द्रव्य संग्रह में अक्षत जैन, सविता जैन, प्रांजल जैन, रत्नकरण्ड श्रावकाचार में गुञ्जन नितिन जैन, सुनीता अनिल जैन, मालती राजेश जैन ने प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त किया। गुरु भक्त सेवानिवृत कलेक्टर आरके जैन ग्वालियर, अतिशय क्षेत्र टिकटोली के अध्यक्ष राजेंद्र भंडारी, युवा उद्योगपति पवन जैन (रतिराम पुरा) मुरैना एवं समाज के श्रेष्ठी वर्ग द्वारा सभी उत्कृष्ट शिविरार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
शिविर संयोजक राजकुमार वरैया ने बताया कि बाल ब्रह्मचारी संजय भैयाजी के निर्देशन में रविवार 25 मई को सुबह 7 बजे शिविरों का सामूहिक शुभारंभ हुआ था। शिविर में मुनिश्री विलोक सागर महाराज के द्वारा अभिषेक एवं पूजन कक्षाएं और मुनिश्री विबोध सागर महाराज द्वारा रत्नकरण्ड श्रावकाचार की कक्षाएं ली गईं थी। स्थानीय शिविर प्रभारी प्राचार्य वीरेंद्र जैन बाबा ने बताया कि शिविर के दौरान 25 मई से 3 जून तक नीरज जैन (पाठशाला दीदी) भाग-१, सांगानेर से आए हुए विद्वत नीरज शास्त्री भंगवा, विद्वत सुरेश शास्त्री भंगवा, विद्वत राहुल शास्त्री बमरोली, विद्वत आशीष शास्त्री मबई, विद्वत मयंक शास्त्री द्वारा अभिषेक पूजन, प्रथम भाग, द्वितीय भाग, छहढाला, भक्तामर, इष्टोपदेश, द्रव्यसंग्रह, तत्वार्थसूत्र का शिक्षण/प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
विद्वत नवनीत जैन शास्त्री एवं सांगानेर जयपुर से आए हुए सभी विद्वानों का आयोजन समिति, मंदिर कमेटी एवं मुख्य अथिति राजेंद्र भंडारी व उद्यमी पवन जैन एवं अर्थ सहयोगियों द्वारा श्रीफल, शॉल, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह देकर बहुमान किया गया।













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