भावना भाव नासनी होती है। विचार विचार को पैदा करते हैं, मधुर वाणी मधुर वाणी को पैदा करती है,आचरण आचरण को पैदा करता है,पैसा पैसे को पैदा करता है। इसलिए हमेशा...
Tag - बड़े जैन मंदिर
आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज की मंगल भावना और आशीर्वाद एवं आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में मंगलवार को बड़े जैन मंदिर में सातवां...
आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज की मंगल भावना और आशीर्वाद एवं आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में मंगलवार को बड़े जैन मंदिर में सातवां...
आचार्यश्री विमर्श सागर जी महामुनिराज के मंगल भावना और आशीर्वाद एवं आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में मंगलवार को बड़े जैन मंदिर में छठवां...
आचार्यों ने कहा है कि धर्म तो प्रारंभ से ही करना चाहिए। बुढ़ापे में जब आपके अंग शिथिल हो जाएंगे तो धर्म की उपासना कैसे होगी। यह उद्गार आचार्यश्री विराग सागरजी...
हमें जीवन में यदि सकारात्मक परिर्वतन चाहिए तो भगवान महावीर, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, श्रीकृष्ण एवं अन्य महापुरुषों के आदर्शों पर चलना होगा। जब हममें...
बड़े जैन मंदिर में पांच माह तक धर्म प्रभावना करने के बाद रविवार को अंतिम दिन मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सांसारिक प्राणी...
सिद्धों की आराधना पूजा भक्ति उपासना के अनुष्ठान के अवसर पर बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि पुण्योदय से ही हम सभी को मनुष्य...
आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के शुभारंभ से पूर्व बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कैसी भी...
मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने बड़े जैन मंदिर में सिद्धांत ग्रंथ ‘समयसार’ की व्याख्या करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में मन की स्थिति को अनुकूल रखना भी एक...








