Tag - बड़े जैन मंदिर

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अच्छे विचार और अच्छी दृष्टि ही करती है आचरण का निर्माण: आचार्य निर्भयसागर’ के बड़े जैन मंदिर में हुए मीठे प्रवचन

भावना भाव नासनी होती है। विचार विचार को पैदा करते हैं, मधुर वाणी मधुर वाणी को पैदा करती है,आचरण आचरण को पैदा करता है,पैसा पैसे को पैदा करता है। इसलिए हमेशा...

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सातवां साप्ताहिक जिनाभिषेक से हुआ भक्तिमय माहौल : आठवां साप्ताहिक अभिषेक 3 फरवरी को किया जाएगा 

आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज की मंगल भावना और आशीर्वाद एवं आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में मंगलवार को बड़े जैन मंदिर में सातवां...

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सातवां साप्ताहिक जिनाभिषेक से हुआ भक्तिमय माहौल : आठवां साप्ताहिक अभिषेक 3 फरवरी को किया जाएगा 

आचार्य श्री विमर्श सागर जी महाराज की मंगल भावना और आशीर्वाद एवं आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में मंगलवार को बड़े जैन मंदिर में सातवां...

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बड़े जैन मंदिर में किया छठवां साप्ताहिक जिनाभिषेक : आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में हुआ आयोजन 

आचार्यश्री विमर्श सागर जी महामुनिराज के मंगल भावना और आशीर्वाद एवं आर्यिका श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन में मंगलवार को बड़े जैन मंदिर में छठवां...

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धर्म बुढ़ापे में नहीं यौवनावस्था में अपनाएं : मुनिश्री विहसंत सागर जी महाराज ने बड़े जैन मंदिर में दिया दिव्य प्रबोधन 

आचार्यों ने कहा है कि धर्म तो प्रारंभ से ही करना चाहिए। बुढ़ापे में जब आपके अंग शिथिल हो जाएंगे तो धर्म की उपासना कैसे होगी। यह उद्गार आचार्यश्री विराग सागरजी...

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प्रभु आराधना निःस्वार्थ भाव से ही करें: मुनिश्री विहसंत सागर का मुरैना नगर में हुआ भव्य आगमन

हमें जीवन में यदि सकारात्मक परिर्वतन चाहिए तो भगवान महावीर, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, श्रीकृष्ण एवं अन्य महापुरुषों के आदर्शों पर चलना होगा। जब हममें...

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छोटे-छोटे नियम पालने से आत्मबल बढ़ता है: मुनिश्री विलोकसागर ने साधना और संयम को श्रेष्ठ बताया 

बड़े जैन मंदिर में पांच माह तक धर्म प्रभावना करने के बाद रविवार को अंतिम दिन मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सांसारिक प्राणी...

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हम ऐसे कर्म करें जिससे मनुष्य जन्म लेना सार्थक हो : सिद्ध परमेष्ठियों की भक्ति मय पूजन के साथ समर्पित होंगे 256 अर्घ्य 

सिद्धों की आराधना पूजा भक्ति उपासना के अनुष्ठान के अवसर पर बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा में कहा कि पुण्योदय से ही हम सभी को मनुष्य...

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आदर्शाे सिद्धांतों का दृढ़ता से पालन करें: मुनिश्री विलोकसागरजी ने करेंगे सिद्धचक्र विधान का शुभारंभ 

आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के शुभारंभ से पूर्व बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कैसी भी...

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विषम परिस्थितियों में समता भाव रखना भी बड़ी तपस्या: मुनिश्री विलोकसागर जी ने ‘समयसार’ ग्रंथ की वाचना कर बताए जीवन के रहस्य 

मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने बड़े जैन मंदिर में सिद्धांत ग्रंथ ‘समयसार’ की व्याख्या करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में मन की स्थिति को अनुकूल रखना भी एक...

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