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डॉ. विशालकुमार ने बताया एक्यूप्रेशर प्राचीन चिकित्सा पद्धति: जैन मंदिर में एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर आरंभ 


एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर बड़े जैन मंदिर के ज्ञान सेवा सदन जैन धर्मशाला में 21 मई तक चलेगा। प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक एवं शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक उपस्थिति होकर निःशुल्क एक्यूप्रेशर फिजियो थेरेपी चिकित्सा पद्धति शिविर से लाभ ले सकते हैं। उपचार से पूर्व सभी रोगियों को रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…


मुरैना। एक्यूप्रेशर एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। इस पद्धति में शरीर के सभी रोगों का उपचार बिना औषधि के किया जाता है। यह बहुत ही अच्छा ट्रीटमेंट है। अन्य पद्धतियों में आपको दवाइयों से साइड इफेक्ट हो सकते हैं, लेकिन इस पद्धति में साइड इफेक्ट जैसा कुछ नहीं हैं। इसमें आप अपने सभी अंगों को बिना दवा के, बिना किसी नुकसान के स्वस्थ रख सकते हैं। आंख नाक कान गले का रोग, सर दर्द, माइग्रेन और शरीर के सभी हिस्सों को आप एक्टिव एक्यूप्रेशर पॉइंट्स द्वारा एक्टिव करके अपने ही शरीर को निरोगी बना सकते हैं। यह उद्गार एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट विशालकुमार ने बड़े जैन मंदिर के ज्ञान सेवा सदन में एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए। जैन समाज मुरैना की सेवाभावी संस्था श्री यंग दिगंबर जैन फाउंडेशन के तत्वावधान में मुनिश्री विलोक सागर एवं मुनिश्री विबोधसागर महाराज के आशीर्वाद से एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर के शुभारंभ में आचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन फाउंडेशन के पूर्व अध्यक्ष विमलचंद जैन (बर्तन वाले), बड़ा मंदिर के अध्यक्ष प्राचार्य अनिल जैन, राजकुमार वरैया, दर्शनलाल जैन लोहिया, नीलेश जैन ने किया।

यंग दिगंबर जैन फाउंडेशन के महामंत्री रमाशंकर जैन ‘लाला’ ने बताया कि इस शिविर में जोधपुर से एक्यूप्रेशर फिजियो थेरेपी चिकित्सा की टीम आई हुई है। जिसमें एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट डॉ. विशालकुमार, श्रवण चौधरी, मनीष चौधरी रोगियों की जांच कर उपचार प्रदान करेंगे। प्रथम दिन 50 से अधिक रोगियों ने शिविर में उपस्थित होकर एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति से उपचार प्राप्त किया। शिविर बड़े जैन मंदिर के ज्ञान सेवा सदन जैन धर्मशाला में 21 मई तक चलेगा। प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक एवं शाम 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक उपस्थिति होकर निःशुल्क एक्यूप्रेशर फिजियो थेरेपी चिकित्सा पद्धति शिविर से लाभ ले सकते हैं। उपचार से पूर्व सभी रोगियों को रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। शिविर शुभारंभ के अवसर पर विनोद जैन तार, पदमचंद चौधरी, सुभाषचंद जैन, वीरेंद्र जैन, राकेश जैन, बनवारी जैन, जयचंद जैन, बृजेश जैन दादा, विजय जैन, भगवानदास जैन, पदम जैन उपस्थित थे।

एक्यूप्रेशर चिकित्सा की आवश्यकता कब और क्यों ?

चिकित्सा के क्षेत्र में फिजियोथैरेपी बहुत ही सुरक्षित और प्रभावी उपचार है। फिजियोथैरेपिस्ट आपको शारीरिक व्यायाम द्वारा स्वस्थ रहने की आवश्यकता पर परामर्श प्रदान करते हैं अधिकांशतः फिजियोथैरेपी की आवश्यकता किसी चोट या शारीरिक दर्द के रहने पर होती है। आपको कितने समय तक उपचार की आवश्यकता होगी। यह आपकी चोट या स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर निर्भर करता है । यदि आपकी समस्या अल्पकालिक है तो हफ्ते दो हफ्ते में ही लाभ दिखने लगेगा और यदि आपकी समस्या दीर्घकालीन है तो समस्या के निदान में महीनों भी लग सकते हैं। एक्यूप्रेशर एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसका प्रयोग पश्चिमी चिकित्सा में दर्द के उपचार के लिए किया जाता है। फिजिकल थेरेपी चिकित्सकों की देखरेख में हाथों से की जाने वाली एक क्रिया है । जिसे आप चिकित्सालय, ऑफिस घर कहीं पर भी कर सकते हैं।

क्या है एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति

यह एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें रोगों के निदान के साथ रोगों पर प्रतिबंध लगाने का काम भी करती है। एक्यूप्रेशर दो शब्दों से मिलकर बना है, एक्यू और प्रेशर। एक्यू का अर्थ है निकालना, प्रेशर का अर्थ है दबाव। संबंधित रोगों के उपचार में शरीर के अंगों पर यंत्रों द्वारा अथवा हाथ के अंगूठे से दबाव देकर उपचार करने की क्रिया को एक्यूप्रेशर कहते हैं।

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