नगर में आचार्य विमलसागरजी महाराज की शिष्य 105 गणिनी आर्यिका स्वामिनी माताजी और मनस्वामिनी मति माताजी का रविवार को आगमन हुआ। समाजजनों ने सुंदरेल फाटे पर अगवानी की। माताजी का मंदिर में आगमन हुआ। धामनोद से पढ़िए यह खबर…
धामनोद। नगर में आचार्य विमलसागरजी महाराज की शिष्य 105 गणिनी आर्यिका स्वामिनी माताजी और मनस्वामिनी मति माताजी का रविवार को आगमन हुआ। समाजजनों ने सुंदरेल फाटे पर अगवानी की। माताजी का मंदिर में आगमन हुआ। नित्य अभिषेक और शांतिधारा के बाद प्रवचन हुए। जिसमें माताजी ने कहा कि शुद्धि और धर्म के साथ जुड़कर रहो। नित्य स्वाध्याय करो। धर्म ही सारे अंधकार से मुक्ति दिलवाएगा। माताजी की आहारचर्या करवाने का सौभाग्य आहार क्रमांक 6 की टीम की अर्चना राजेश जैन को मिला। जिनकी आज शादी की सालगिरह भी थी आहार करवाने का पुण्य प्राप्त कर विवाह वर्षगांठ मनाई। इस दौरान संजय जैन भी उपस्थित थे।













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