नगर में विराजमान आर्यिका सरस्वती माताजी के सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में 9 दिवसीय मंडल विधान के सातवें दिवस आश्विन सुदी छट को प्रातः पंचामृत अभिषेक वृहद शांति धारा सहस्रनाम के 1008 मंत्रों से उच्चारित होकर सामूहिक पूजन संपन्न हुई।पढ़िए सन्मति जैन की रिपोर्ट
सनावद। नगर में विराजमान आर्यिका सरस्वती माताजी के सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर में 9 दिवसीय मंडल विधान के सातवें दिवस आश्विन सुदी छट को प्रातः पंचामृत अभिषेक वृहद शांति धारा सहस्रनाम के 1008 मंत्रों से उच्चारित होकर सामूहिक पूजन संपन्न हुई। तत्पश्चात दोपहर में आर्यिका माताजी ससंघ के सानिध्य में श्री सम्मेद शिखर विधान के 25 अर्घ्य समर्पित किये गए। सन्मति जैन काका ने बताया कि यह विधान रचाने का सौभाग्य सुधीर कुमार चौधरी, ललित कुमार चौधरी, शौभाग्यचंद जैन बड़ूद, संजय कुमार बडूद एवम इंदरचंद सराफ परिवार को प्राप्त हुआ।
आर्यिका माताजी ने विधान पर समर्पित 25 अर्घ्य का महत्व बताते हुए शाश्वत तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी की प्रत्येक टोक की भाव वन्दना कराई एवम विधान की महिमा बताई। इसी क्रम में रात्रि में आचार्य भक्ति गुरुवंदना, श्रीजी की आरती, भक्ति एवम धार्मिक क्लास की गई। इस पावन अवसर पर अचिंत्य जैन, रिंकेश जैन, लवीश जैन, वारिश जैन, प्रशांत जैन, सोनू जैन, कैलाशचंदजैन, मंजुला भूच,अलका जैन, निधि झांझरी, भानु बाई, जयश्री जैन, मंदा भूच, सरला जैन, सभी समाजजन उपस्थित थे।













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