नगर की प्रथम एक मात्र श्याम वर्णी भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा जी से सुशोभित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर शालीमार एनक्लेव कमला नगर में मेडिटेशन गुरु उपाध्याय मुनि श्री विहसंत सागर जी मुनिराज संसघ के मंगल सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव मनाया गया। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…
आगरा। नगर की प्रथम एक मात्र श्याम वर्णी भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा जी से सुशोभित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर शालीमार एनक्लेव कमला नगर में मेडिटेशन गुरु उपाध्याय मुनि श्री विहसंत सागर जी मुनिराज संसघ के मंगल सानिध्य में भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण महोत्सव मनाया गया। इसके अन्तर्गत सर्वप्रथम मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ की महामस्तकाभिषेक एवं शांतिधारा करने का सौभाग्य पारस जैन प्रॉपर्टी एवं ए बी जैन परिवार को मिला, साथ नित्य नियम पूजन के पश्चात मुनि श्री अपने प्रवचन में भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण कल्याणक के विषय पर श्रद्धालुओं को बताया।
साथ ही मध्य में पूज्य मुनि श्री ने अपने मुखारविंद से समस्त समाज के बीच आगरा में एक और नवीन जिनालय भगवान पद्मप्रभु से सुशोभित होने वाले अवधपुरी में जैन मंदिर की घोषणा की, जिसमें सर्वप्रथम महामहिम शिरोमणि ट्रस्टी बनने की स्वीकृति , मधु जैन पारस जैन प्रॉपर्टी परिवार प्रदान की साथ ही अन्य श्रेष्ठियों ने भी बढ़-चढ़कर भूमि प्रदान करने हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान की। जिसके पश्चात 23 किलो के मुख्य लाडू चढ़ाने का सौभाग्य मधु पारस जैन प्रॉपर्टी को मिला, द्वितीय लाडू अभिषेक जैन ऋचा जैन परिवार को मिला, तृतीय लाडू चढ़ाने का सौभाग्य अभिनंदन जैन पीएनसी परिवार को मिला साथ ही एक किलो के 23 लाडू 23 परिवारों के साथ समस्त समाज ने भक्ति करते हुए प्रभु पारसनाथ के समक्ष निर्वाण लाडू चढ़ाया।
शालीमार जैन मंदिर व्यवस्था समिति द्वारा वात्सल्य भोज कराया गया जिसकी व्यवस्था शैलेंद्र जैन रपरिया ने संभाली कार्यक्रम में मुख्य रूप से अर्पितमय वर्षायोग समिति से रोहित अहिंसा, मनोज बाकलीवाल, मंदिर व्यवस्था समिति से राजू गोधा, राजकुमार जैन गुड्डू, संजू गोधा, रूप सोनी विनीत जैन, अजय जैन, मुकेश रपरिया, अनिल अहिंसा, संजय जैन आदि के साथ समस्त आगरा सकल जैन समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।













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