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स्वाध्याय भवन का हुआ शिलान्यास : मोक्षमार्ग प्रशस्त हेतु स्वाध्याय भवन आवश्यक : पं. राजकुमार शास्त्री


महावीर जिनालय में चल रहे चतुर्थ बाल संस्कार एवं युगल शिविर के अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वाध्यायी मास्टर चंद्रभान जैन नन्ना जी की स्मृति में स्वाध्याय भवन का शिलान्यास समारोह सैकड़ों महानुभावों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वयोवृद्ध शीलचंद्र जी बारौ ने की। पढ़िए रत्नेश जैन रागी की रिपोर्ट…


घुवारा। यहां के महावीर जिनालय में चल रहे चतुर्थ बाल संस्कार एवं युगल शिविर के अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वाध्यायी मास्टर चंद्रभान जैन नन्ना जी की स्मृति में स्वाध्याय भवन का शिलान्यास समारोह सैकड़ों महानुभावों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता वयोवृद्ध शीलचंद्र जी बारौ ने की तथा पं. राजकुमार शास्त्री उदयपुर के मुख्य आतिथ्य में डॉ. गुलाबचंद, निर्मल बारौ, सनत कुटौरा, दिनेश अमरमऊ के विशिष्ट आतिथ्य में पं. निलेश शास्त्री, पं. पीयूष शास्त्री द्वारा विधि विधान पूर्वक संपन्न कराया गया। शिलान्यासकर्ता ऋषि जैन, अनय जैन, शैलु जैन सुनवाहा वालों द्वारा एवं निर्माण सहयोग अशोक कुमार , आलोक दाऊ, अरविंद कुमार परिवार द्वारा शिलान्यास किया गया। सभा में उपस्थित सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष वर्ग को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पं. राजकुमार शास्त्री ने स्वाध्याय भवन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मोक्ष मार्ग प्राप्ति के लिए जिनमंदिर और स्वाध्याय भवन बहुत ही आवश्यक है।

जिस तरह लौकिक जीवन में स्वाध्याय और शिक्षा के लिए अस्पताल एवं विद्यालय आवश्यक है, उसी प्रकार मोक्ष मार्ग प्राप्त करने के लिए स्वाध्याय भवन आवश्यक है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रमोद ,उत्तमचंद जैन, अमन जैन ,राजाराम बारौ, सुनील जैन आदि का सहयोग रहा। सेठ उदयचंद जैन, संतोष पाटन, शैलेश जैन, पदमचंद जैन, सेठ मुन्नी लाल,नरेंद्र कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। महिला वर्ग के रूप में कुमारी प्रशंसा जैन, अनुभूति जैन, मानसी जैन, श्रेया जैन, सरोज जैन तथा हर्षित शास्त्री का विशेष सहयोग प्राप्त रहा। संपूर्ण सभा का संचालन युवा विद्वान नीलेश शास्त्री द्वारा किया गया।

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